Bajaj Allianz: अगर आप बजाज एलियांज हेल्थ इंश्योरेंस के ग्राहक हैं तो यह खबर आपके लिए चिंता की वजह बन सकती है। एसोसिएशन ऑफ हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स ऑफ इंडिया (AHPI) ने देशभर के अस्पतालों को निर्देश दिया है कि 1 सितंबर 2025 से बजाज एलियांज की पॉलिसी वाले मरीजों को कैशलेस इलाज की सुविधा बंद कर दी जाएगी।

AHPI के इस फैसले के पीछे कारण है अस्पतालों की लंबे समय से चल रही शिकायतें। अस्पतालों का कहना है कि बीमा कंपनी इलाज की दरें बढ़ाने की बजाय लगातार उन्हें कम करने का दबाव बना रही थी। साथ ही, डिस्चार्ज अप्रूवल और कैशलेस क्लेम को मंजूरी देने में भी देरी की शिकायतें बढ़ गई थीं।
लागत बढ़ी, दरें वही
AHPI के डायरेक्टर जनरल डॉ. गिर्धर ज्ञानी ने बताया कि स्वास्थ्य सेवाओं की लागत हर साल बढ़ती जा रही है। मेडिकल उपकरण, दवाइयां और कर्मचारियों का खर्च लगातार ऊपर जा रहा है। आमतौर पर दो साल में एक बार इलाज की दरों को चिकित्सा महंगाई के हिसाब से संशोधित किया जाता है। लेकिन बजाज एलियांज इस सिस्टम को मानने की बजाय पुरानी दरों को ही और घटाने की मांग कर रहा था।
अस्पतालों का कहना है कि बढ़ती लागत के बावजूद कम रेट पर इलाज करना अब उनके लिए संभव नहीं रह गया। यही वजह है कि संगठन ने मजबूरी में यह सख्त कदम उठाया है।
कंपनी ने नहीं दिया जवाब
अस्पतालों की शिकायतों के बाद AHPI ने बजाज एलियांज को पत्र लिखकर स्थिति स्पष्ट करने और समाधान बताने के लिए कहा था। लेकिन अभी तक बीमा कंपनी की तरफ से कोई जवाब नहीं दिया गया। यही कारण है कि संगठन ने 1 सितंबर से कैशलेस इलाज बंद करने की घोषणा कर दी।
पॉलिसीधारकों पर असर
इस फैसले का सीधा असर उन लाखों लोगों पर पड़ेगा, जिनके पास बजाज एलियांज की हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी है। अगर स्थिति जस की तस रहती है तो मरीजों को अस्पताल में इलाज के दौरान पूरा बिल खुद चुकाना होगा। बाद में वे बीमा कंपनी से क्लेम करके पैसा वापस ले सकेंगे, लेकिन इलाज के समय कैशलेस सुविधा नहीं मिलेगी।
31 अगस्त तक का वक्त
हालांकि अभी भी उम्मीद बाकी है। AHPI ने साफ किया है कि अगर 31 अगस्त तक बीमा कंपनी कोई ठोस समाधान देती है और दरों पर सहमति बन जाती है, तो कैशलेस सुविधा बंद नहीं की जाएगी। लेकिन अगर कंपनी चुप रही या समस्या का हल नहीं निकला, तो सितंबर से यह सुविधा खत्म हो जाएगी।


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