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बुरी खबर : 10 साल से ज्यादा के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंचे खाद्य तेलों के दाम, सरकार ने बताई वजह

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नई दिल्ली, मई 26। मई महीने में भारत में खाद्य तेल की कीमतें एक दशक से भी अधिक समय के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं। ये देश के करोड़ों परिवारों के लिए एक बहुत बड़ा झटका है। खाद्य तेल की कीमतों का इतना अधिक ऊपर चढ़ना लाखों भारतीय परिवारों के लिए किसी संकट से कम नहीं है। जिन खाद्य तेलों की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है, उनमें सरसों, वनस्पति, सोया, ताड़, सूरजमुखी और मूंगफली तेल शामिल हैं। खाद्य तेलों के खुदरा मूल्य में वृद्धि देश के उन लाखों गरीब परिवारों के लिए एक झटका है जो दूसरी कोविड-19 लहर के दौरान आर्थिक रूप से प्रभावित हुए हैं।

 

सरकारी कर्मचारियों को एक और तोहफा, होगी वेरिएबल महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी

62 फीसदी तक बढ़े दाम

62 फीसदी तक बढ़े दाम

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग ने खाद्य तेल की कीमतों में हो रही 'असामान्य वृद्धि' के मुद्दे के समाधान के तरीकों पर चर्चा करने के लिए सभी हितधारकों के साथ बैठक की। खाद्य सचिव सुधांशु पांडे ने राज्यों और इंडस्ट्री के हितधारकों से कीमतों में कमी लाने के तरीके खोजने को कहा। घरेलू खाद्य तेल की कीमतों में 62 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।

क्यों बढ़े इतने दाम
 

क्यों बढ़े इतने दाम

कीमतों में वृद्धि का एक कारण यह है कि भारत में तिलहन का घरेलू उत्पादन और उपलब्धता मांग से काफी कम है। खाद्य सचिव ने भी इसकी पुष्टि की है। हर साल बड़ी मात्रा में खाद्य तेल का आयात किया जाता है। खाद्य तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में बदलाव से खाद्य तेल की घरेलू भारतीय कीमत पर असर पड़ता है। मगर समस्या यह है कि पिछले कुछ महीनों में वैश्विक दरों की तुलना में भारत में खाद्य तेल की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं।

भारत दुनिया में खाद्य तेल का सबसे बड़ा आयातक

भारत दुनिया में खाद्य तेल का सबसे बड़ा आयातक

गौर करने वाली बात यह है कि भारत दुनिया में खाद्य तेल का सबसे बड़ा आयातक है। भारत 60 प्रतिशत से अधिक घरेलू जरूरत को आयात के माध्यम से पूरा करता है। इसका मतलब है कि अंतरराष्ट्रीय कीमतें भारत में कीमतों के निर्धारण में एक बड़ी भूमिका निभाती हैं। एक साल पहले की कीमतों की तुलना में इस महीने अंतरराष्ट्रीय कच्चे खाद्य तेल की दरों में तेजी से वृद्धि हुई है। इसमें कच्चा पाम तेल और कच्चा सोयाबीन तेल शामिल है।

दशक से अधिक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच दाम

दशक से अधिक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच दाम

उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग के आधिकारिक आंकड़ों से पता चलता है कि छह खाद्य तेलों - मूंगफली, सरसों, वनस्पति, सोया, सूरजमुखी और ताड़ - के अखिल भारतीय मासिक औसत खुदरा मूल्य 25 मई 2021 को एक साल पहले की तुलना में काफी अधिक रहे। आंकड़ों से यह भी स्पष्ट हुआ है कि देश में सभी छह खाद्य तेलों की औसत कीमतें पिछले एक दशक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गयी हैं।

संकट के बीच एक और संकट

संकट के बीच एक और संकट

कोरोना महामारी और पेट्रोल-डीजल के बीच खाद्य तेलों की कीमतों में इतनी बढ़ोतरी संकट के बीच एक और संकट की तरह है। खाद्य तेल की कीमतों में इतनी तेज वृद्धि से सरकारी अधिकारियों के सामने एक बड़ी चिंता पैदा हो गयी है, क्योंकि यह कमोडिटी, पेट्रोल और डीजल जैसी अन्य आवश्यक चीजों की तुलना में आबादी के ज्यादा बड़े हिस्से को प्रभावित करती है।

English summary

Bad news prices of edible oils reached highest level in more than 10 years

The rise in the retail price of edible oils is a setback for the millions of poor families in the country who have been financially affected during the second Kovid-19 wave.
Story first published: Wednesday, May 26, 2021, 17:01 [IST]
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