Gold-Silver से है प्यार तो आपके लिए है बुरी खबर, सरकार ने बढ़ाए हॉलमार्किंग चार्ज

नई दिल्ली, सितंबर 22। सोने-चांदी के आभूषणों पर हॉलमार्क लगवाना अब महंगा हो गया है। ऐसा इसलिए है क्योंकि सरकार ने सोने और चांदी की हॉलमार्किंग के शुल्क में हर मामले में 10 रु प्रति पीस की बढ़ोतरी की है। बता दें कि भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) द्वारा 4 मार्च, 2022 को एक अधिसूचना जारी की गयी थी। उसके अनुसार, सोने के आभूषणों और कलाकृतियों के लिए हॉलमार्किंग शुल्क पहले के 35 रुपये से बढ़ाकर 45 रुपये प्रति आइटम कर दिया गया है। इसी तरह, चांदी के आभूषणों और कलाकृतियों के लिए हॉलमार्किंग शुल्क पहले के 25 रुपये से बढ़ाकर 35 रुपये प्रति आइटम कर दिया गया है। हालांकि, सोने और चांदी के आभूषणों / कलाकृतियों की हॉलमार्किंग के लिए न्यूनतम खेप शुल्क (मिनिमम कंसाइनमेंट फीस) में वृद्धि नहीं की गई है।

आभूषणों के वजन कितना भी हो

आभूषणों के वजन कितना भी हो

सोने के आभूषणों के वजन कितना भी हो आभूषण के एक पीस या आइटम की हॉलमार्किंग की कीमत पर फ्लैट शुल्क लगाया जाएगा है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि उपभोक्ता मामलों के विभाग के तहत भारतीय मानक ब्यूरो ने 2018 में हॉलमार्किंग विनियमों की शुरुआत के बाद पहली बार सोने और चांदी की वस्तुओं के लिए हॉलमार्किंग शुल्क में बदलाव किया है। ये संशोधन हॉलमार्किंग शुल्क की शुरूआत के लगभग 4 वर्षों के बाद किया गया है।

1 जून से लागू हुआ सख्य नियम

1 जून से लागू हुआ सख्य नियम

सोने के आभूषण खरीदारों को यह ध्यान रखना चाहिए कि सोने के आभूषणों और कलाकृतियों की हॉलमार्किंग 1 जून, 2022 से अनिवार्य कर दी गई है, चाहे उसकी शुद्धता कुछ भी हो। इसलिए, यदि आप अभी सोने के आभूषण खरीद रहे हैं, तो ज्वेलर आपको तब तक आभूषण नहीं बेच सकता जब तक कि उस पर हॉलमार्क न लगा हो।

चांदी के आभूषणों की हॉलमार्किंग अनिवार्य नहीं

चांदी के आभूषणों की हॉलमार्किंग अनिवार्य नहीं

हालांकि, चांदी के आभूषणों और कलाकृतियों की हॉलमार्किंग अनिवार्य नहीं है। यदि कोई ग्राहक हॉलमार्क वाले चांदी के आभूषण खरीदना चाहता है, तो वह खरीदारी के समय जौहरी से इसके लिए अनुरोध कर सकता है। फिलहाल बीआईएस ने केवल इन छह कैटेगरियों (14 कैरेट, 18 कैरेट, 20 कैरेट, 22 कैरेट, 23 कैरेट और 24 कैरेट) में सोने की हॉलमार्किंग की अनुमति दी है। इस प्रकार, यदि सोने के आभूषण के किसी आइटम पर 18के750 की मुहर है, तो इसका मतलब है कि वे आइटम 75% सोने का है।

हॉलमार्क वाले सोने के चिन्ह

हॉलमार्क वाले सोने के चिन्ह

सरकार ने सोने के आभूषणों के लिए हॉलमार्किंग चिन्ह को भी बदला है। 1 जुलाई, 2021 से प्रभावी, हॉलमार्क वाले सोने में तीन संकेत होंगे। इनमें बीआईएस मार्क, प्योरिटी और फिटनेस ग्रेड और 6 अंकों का अल्फ़ान्यूमेरिक कोड शामिल है। 6-अंकीय अल्फ़ान्यूमेरिक कोड को हॉलमार्क विशिष्ट पहचान (एचयूआईडी) नंबर भी कहा जाता है। यह नंबर हर सोने के आभूषण के लिए यूनीक है। ग्राहक इस एचयूआईडी नंबर को बीआईएस केयर ऐप पर वेरिफाई कर सकते हैं।

गोल्ड हॉलमार्क से जानें सोने की शुद्धता

गोल्ड हॉलमार्क से जानें सोने की शुद्धता

देश में सोने की ज्वेलरी के लिए गोल्ड हॉलमार्किंग का नियम लागू हो चुका है। जेवर बनाने में 22 कैरेट गोल्ड का ही इस्तेमाल होता और यह सोना 91.6 फीसदी शुद्ध होता है। लेकिन असर इसमें मिलावट कर 89 या 90 फीसदी शुद्ध सोने को ही 22 कैरेट गोल्ड बताकर जेवर को बेच दिया जाता है। इसीलिए जब भी जेवर खरीदें तो उसकी हॉलमार्क के बारे में जानकारी जरूर ले लें। अगर गोल्ड की हॉलमार्क 375 है तो यह गोल्ड 37.5 फीसदी शुद्ध सोना है। वहीं अगर हॉलमार्क 585 है तो यह सोना 58.5 फीसदी शुद्ध है। 750 हॉलमार्क होने पर यह सोना 75.0 फीसदी खरा है। 916 हॉलमार्क होने पर सोना 91.6 फीसदी खरा है। 990 हॉलमार्क होने पर सोना 99.0 फीसदी खरा होता है। अगर हॉलमार्क 999 है तो सोना 99.9 फीसदी खरा है।

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