नयी दिल्ली। आम आदमी के लिए एक बुरी खबर आई है। फरवरी में थोक महंगाई दर (डब्लूपीआई) में बढ़ोतरी दर्ज की गयी। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय की तरफ से जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार फरवरी में देश में थोक मुद्रास्फीति दर बढ़कर 4.17 प्रतिशत हो गई। इससे पहले जनवरी में डब्लूपीआई 2.03 फीसदी रही थी, जबकि दिसंबर 2020 के लिए भी डब्लूपीआई का आंकड़ा संशोधित किया गया है। दिसंबर के लिए डब्लूपीआई का आंकड़ा 1.22 फीसदी से बढ़ा कर 1.95 फीसदी किया गया है। बता दें कि फरवरी 2020 में डब्लूपीआई 2.26 फीसदी रही थी।

क्यों बढ़ी थोक महंगाई
पिछले महीने डब्लूपीआई अपने 27 महीनों के उच्च स्तर पर पहुंच गयी। फरवरी में खाद्य और ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण डब्लूपीआई में इतना ज्यादा इजाफा हुआ। महीनों तक नरम रहने के बाद खाद्य उत्पाद सेगमेंट की महंगाई दर में फरवरी में 1.36 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई। उससे पिछले महीने में यह (-) 2.8 फीसदी रही थी।
कैसा रहा दालों और सब्जियों का हाल
सब्जियों की कीमतें फरवरी में (-) 2.90 प्रतिशत घटीं, जबकि जनवरी में इनमें (-) 20.82 प्रतिशत की गिरावट आई थी। पिछले महीने दलहन की कीमतों में 10.25 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि फलों के दाम 9.48 प्रतिशत बढ़े। फरवरी में खुदरा महंगाई भी बढ़ी। ऐसा पिछले तीन महीनों में पहली बार हुआ कि खुदरा महंगाई में बढ़ोतरी हुई। उच्च खाद्य कीमतों के कारण खुदरा महंगाई पिछले महीने 5.03 फीसदी पर पहुंच गयी। जनवरी 2021 में ये 4.06 फीसदी पर था।
क्या हुआ महंगा
खाद्य और पेय पदार्थों की मुद्रास्फीति की दर 4.25 फीसदी रही, जबकि पान, तंबाकू और बाकी नशीले पदार्थों के लिए यह दर 10.70 फीसदी रही। इसके अलावा फरवरी 2021 में कपड़े और जूते की मुद्रास्फीति की दर 4.21 फीसदी रही, जबकि हाउसिंग मुद्रास्फीति 3.23 फीसदी थी। ईंधन और बिजली मुद्रास्फीति 3.53 फीसदी रही। इसके अलावा विविध श्रेणियों की मुद्रास्फीति की दर 6.82 फीसदी थी।


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