नयी दिल्ली। कोरोना संकट के बीच जैसे-तैसे इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2020 का होना तय हो गया है। हालांकि इस साल का क्रिकेट का ये महासंग्राम भारत नहीं बल्कि यूएई में होगा। मगर टूर्नामेंट शुरू होने से पहले इसकी स्पॉन्सर चीन की स्मार्टफोन निर्माता कंपनी वीवो ने आईपीएल से अलग होने का फैसला कर लिया है। वीवो के इस फैसले से भारतीय क्रिकेट बोर्ड बीसीसीआई को आईपीएल के लिए नया टाइटल स्पॉन्सर चाहिए, जिसके लिए खोज जारी है। बीसीसीआई को आईपीएल के टाइटल स्पॉन्सर के लिए किसी नयी कंपनी के साथ डीन करनी होगी। आईपीएल स्पॉन्सर के लिए बहुत जल्द बोली लग सकती है। इस बीच बड़ी खबर आई है कि बाबा रामदेव आईपीएल टाइटल स्पॉन्सरशिप के लिए बोली लगाने पर विचार कर रहे हैं। उनकी कंपनी पतंजलि आईपीएल टाइटल स्पॉनसर के लिए लगने वाली बोली में शामिल हो सकती है।
बीसीसीआई को भेजा जाएगा प्रस्ताव
पतंजलि के प्रवक्ता एसके तिजारावाला के अनुसार कंपनी इस साल के लिए आईपीएल टाइटल स्पॉन्सरशिप पर विचार कर रहे हैं। ईटी की रिपोर्ट के मुताबिक पतंजलि बीसीसीआई को एक प्रस्ताव देने पर विचार कर रही है। हालांकि बाजार जानकार मानते हैं कि एक चीनी कंपनी की जगह पतंजलि एक राष्ट्रवादी ब्रांड है, लेकिन इसमें किसी बहुराष्ट्रीय कंपनी की स्टार पावर या भारी निवेश वाले यूनिकॉर्न ब्रांड का अभाव है। जानकार कहते हैं कि आईपीएल के लिए एक टाइटल स्पॉन्सर के रूप में पतंजलि टूर्नामेंट के बजाय खुद को ज्यादा फायदा पहुंचाएगी।
जियो और टाटा की भी नजर
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि देश की सबसे बड़ी और प्रमुख टेलीकॉम कंपनी रिलायंस जियो के साथ-साथ टाटा ग्रुप ने भी आईपीएल टाइटल स्पॉन्सरशिप के लिए रुचि दिखाई है। असल में आईपीएल एक लंबे समय बाद होने वाला कोई मेगा है, जिसकी भारत में बहुत ज्यादा लोकप्रियता भी है। देश में पिछले 6 महीनों में कोई ऐसा मेगा इवेंट नहीं हुआ, जिससे टाटा-जियो जैसी कंपनियां प्रमोशन कर सकें। माना जा रहा है कि इसी कारण बड़ी कंपनियां इस मौके को हाथ से नहीं जाने चाहतीं। आईपीएल, जो एक विश्व स्तरीय लीग है, के साथ साझेदारी करके कोई कंपनी अपने ब्रांड का विस्तार कर सकती है।
और भी कंपनियां हैं दौड़ में
जियो, टाटा और पतंजलि के अलावा और भी कई कंपनियां आईपीएल टाइटल स्पॉन्सर डील हासिल करना चाहती हैं। इनमें ऑनलाइन ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म अमेजन, फैंटसी स्पोर्टस कंपनी ड्रीम 11 और भारती क्रिकेट टीम के लिए जर्सी स्पॉन्सर बायजूज शामिल हैं। बता दें कि भारत और चीन के बीच सीमा विवाद के बाद वीवो ने आईपीएल से रिश्ता खत्म करने का फैसला लिया है। मालूम हो कि टाइटल स्पॉन्सशिप के लिए वीवो बीसीसीआई को सालाना 440 करोड़ रुपये देती रही है। बीसीसीआई प्रेसिडेंट सौरव गांगुली ने कहा था कि वीवो के जाने को वित्तीय संकट नहीं मानना चाहिए।


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