Ayodhya ki GDP: रामलाल के मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा की बात सामने आई है, अयोध्या की तो मन किस्मत ही चमक गई है। आपकी जानकारी के लिए बता दें रामलीला के मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा की बात शुरू हुई है, तब से अयोध्या की किस्मत ही चमक गई है। अयोध्या का ग्रास डेवलपमेंट प्रोडक्शन इस समय बढ़कर 18933 करोड रुपए तक पहुंच गया है। गौरतलब है कि आने वाले समय में अयोध्या यूपी के टॉप 5 शहरों में आने वाली है। ऐसा इसलिए है क्योंकि जैसे ही राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा की तारीख की घोषणा हुई है, तब से 2 लाख करोड रुपए के प्राइवेट इन्वेस्टमेंट वाली स्कीम इस शहर में आ चुकी हैं।
यह वही अयोध्या है जिसे अब तक इन्वेस्टर्स के द्वारा कोई अहमियत नहीं दी जा रही थी, लेकिन जैसे ही रामलाल के मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा हुई है वैसे ही अयोध्या के भाग्य भी चमक गए हैं। अयोध्या के महत्व का पता बस इसी बात से लगाया जा सकता है कि जब से रामलला के मंदिर का निर्माण हुआ है, उसके पहले ट्रस्ट ने उम्मीद जताई थी कि 900 करोड़ रुपए से मंदिर का निर्माण हो जाएगा, लेकिन पूरे देश से अयोध्या राम मंदिर को बनाने के लिए 3200 करोड रुपए से ज्यादा का फंड इकट्ठा हुआ। जब इन पैसों को फिक्स्ड डिपॉजिट कर दिया गया तो इससे मिलने वाले ब्याज से ही सिर्फ मंदिर का पहला महल बनकर तैयार हो गया।

इसके अलावा स्पाइसजेट ने भी अयोध्या में इनवेस्टमेंट का प्लान बनाया है जिसके जरिए लक्षद्वीप से अयोध्या तक सीधी फ्लाइट चलाई जाएंगी। आपको बता दें कि 22 जनवरी को अयोध्या में रामलीला के मंदिर में मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की जानी है। इसके बाद यहां पर श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती रहेगी और यही कारण है कि सभी बड़ी कंपनियां यहां पर निवेश का बेहतर औरशानदार औसत तलाश रही है।
इतना ही नहीं रामलाल का मंदिर बनने के बाद कई शेयर्स को भी जबरदस्त पैदा हुआ है इनमें मुख्य रूप से होटल, ट्रैवल कंपनी और रेलवे के शेयर शामिल हैं। इनके अलावा सोलर एनर्जी वॉटर क्रूज और एयरपोर्ट जैसे बिजनेस भी अब अयोध्या में अपनासेटअप जमाने की तैयारी में है।
इतना ही नहीं अयोध्या के लोकल लोगों को भी श्रद्धालुओं के आने का काफी फायदा मिल रहा है। सरकार द्वारा लांच किए अप में वह अपने में यहां या फिर कहीं पर खाली पड़े हुए कैमरे को ग की तरह किराए पर उठा सकते हैं। इससे उन लोगों तो को तो फायदा होगा ही जिनके घर हैं साथ ही श्रद्धालुओं को ठहरने की कोई दिक्कत नहीं होगी और ना ही रुकने के लिए ज्यादा पैसे देने पड़ेंगे।
अगर हम मिसाल के तौर पर बिना मर क्षेत्र यानी मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को लेते हैं, तो इसकी जीडीपी साल 2019-20 के फाइनेंशियल ईयर में 848 करोड़ रुपए से ज्यादा की थी। वहीं साल साल 2020-21 में यह बढ़कर 77882 करो रुपए को पार कर गई। आपसे अयोध्या राम मंदिर के निर्माण की बात साफ हुई है यहां पर मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का ग्रास डेवलपमेंट प्रोडक्ट 1154.6 करोड़ रुपए के आसपास पहुंच गया है।
More From GoodReturns

मुंबई बारिश अलर्ट: बैंकिंग ठप होने पर पैसे की किल्लत से कैसे बचें? जानें स्मार्ट तरीके

Donald Trump की रणनीति से क्यों डरा Share Market? पढ़िए Sharad Kohli का Analysis

Gold Silver Price: किसमें मिलेगा ज्यादा रिटर्न, Ajay Kedia से समझिए निवेश की पूरी Strategy!

GPF ब्याज दर 7.1% पर बरकरार: क्या EPF और PPF से बेहतर है आपका निवेश?

ब्रेंट क्रूड $95 के पार: क्या पेट्रोल-डीजल की कीमतों में होगा बदलाव? जानें ताजा अपडेट

ITR रिफंड के नाम पर हो रही है बड़ी धोखाधड़ी, इन फर्जी मैसेज से रहें सावधान

Vi का ₹860 वाला नया प्लान: अनलिमिटेड डेटा और 84 दिन की वैलिडिटी, रिचार्ज से पहले ये बातें जरूर जानें

Gold Price Today: 23 जुलाई को सोने के दाम स्थिर, खरीदारी से पहले देखें 22K और 24K के ताजा रेट्स

Market Outlook: गिरते बाजार में घबराएं नहीं, इन Levels और Sectors पर रखें नजर

GIFT City क्या है? NRIs के लिए Dollar Investment का आसान तरीका | Benefits, Process & Risks

Gold Silver में तेजी और गिरावट के बीच निवेश का सही समय? एक्सपर्ट से जानिए आगे की स्ट्रैटेजी



Click it and Unblock the Notifications