नयी दिल्ली। एक्सिस बैंक के ग्राहकों के लिए एक अहम खबर है। अगले महीने से बैंक के कुछ नियम बदलने जा रहे हैं। इन नियमों का पालन न करने पर ग्राहकों को जुर्माना देना होगा। नये नियमों का असर एक्सिस बैंक के करोड़ों ग्राहकों पर पड़ेगा। बैंक ने एसएमएस शुल्क में बदलाव किया है। साथ ही एवरेज मासिक बैलेंस की लिमिट में भी बदलाव किया है। यानी अगर आपका बचत खाता एक्सिस बैंक में है तो आपको अपने अकाउंट में ज्यादा औसत मासिक बैलेंस रखना होगा। इस मामले में बैंक की तरफ से नोटिफिकेशन जारी कर दी गयी है।
क्या-क्या नियम बदलेंगे
एक्सिस बैंक 1 मई से कैश निकालने पर लगने वाली फीस बढ़ाने जा रहा है। दूसरे ग्राहकों को एसएमएस सेवा के लिए ज्यादा शुल्क देना होगा। मगर एसएमएस सर्विस पर नया चार्ज 1 जुलाई 2021 से लागू होगा। अच्छी बात यह है कि इनमें प्रोमोशनल और ओटीपी मैसेज शामिल नहीं होंगे। जहां तक औसत मासिक बैलेंस का सवाल है तो 1 मई से मेट्रो शहरों में ग्राहकों को कम से कम 15000 रु का बैलेंस रखना होगा। यह नियम घरेलू ग्राहकों के साथ-साथ एनआरआई ग्राहकों पर भी लागू होगा।
प्राइम वेरिएंट अकाउंट की लिमिट
एक्सिस बैंक ने प्राइम वेरिएंट अकाउंट की न्यूनतम बैलेंस लिमिट को भी बढ़ा दिया है। पहले की तुलना में अब इस लिमिट को 25,000 रु या न्यूनतम 1 लाख रु की टर्म डिपॉजिट तक बढ़ा दिया गया है। बता दें कि एक्सि बैंक के प्राइम वेरिएंट बैंक अकाउंट में डिजिटल प्राइम, सेविंग्स डोमेस्टिक और नॉन-रेसिडेंट प्राइम और लिबर्टी स्कीम्स वाले खातों को शामिल किया जाता है। इन खातों पर बढ़ी हुई लिमिट 1 मई 2021 से लागू होगी।
बाकी जगहों के लिए बैलेंस लिमिट
बात अर्ध-शहरी क्षेत्रों की करें तो इन क्षेत्रों के ग्राहकों को प्राइम अकाउंट में अभी तक न्यूनतम 15,000 रु या 1 लाख रु की टर्म डिपॉजिट रखना जरूरी था। मगर अब यह लिमिट 25,000 रु या 1 लाख रु की टर्म डिपॉजिट की होगी। इसी तरह लिबर्टी स्कीम अकाउंट के ग्राहकों के लिए पहले 15,000 रु मासिक रखने होते थे या 25,000 रु मासिक आधार पर खर्च करने पड़ते थे। अब या तो उन्हें 25,000 रु मासिक आधार पर खाते में रखने होंगे। या फिर इतना पैसा हर महीने खर्च करना होगा।
ग्रामीण क्षेत्र के ग्राहकों के लिए नयी लिमिट
ग्रामीण क्षेत्रों के ग्राहकों के लिए भी खाते में पैसे रखने की लिमिट बढ़ाई गयी है। एक्सिस बैंक के ग्रामीण क्षेत्र के प्राइम खाताधारकों को अब 25,000 रु मासिक आधार पर खाते में रखने होंगे। अभी उन्हें मासिक आधार पर 15,000 रुपये या 1 लाख रु का टर्म डिपॉजिट रखना होता होता है। इसके अलावा लिबर्टी स्कीम खाताधारकों के लिए 15,000 रु की लिमिट को बढ़ा कर 25,000 रु कर दिया गया है। वे चाहे तो इतने ही पैसे खर्च कर जुर्माने से बच सकते हैं।
कितना लगेगा जुर्माना
एक तरफ बैंक ने मासिक बैलेंस लिमिट बढ़ाई तो दूसरी तरफ जुर्माना कम किया है। न्यूनतम बैलेंस न रखने वाले ग्राहकों के लिए कम से कम जुर्माना 150 रु के बजाय अब 50 रु होगा। यह सभी क्षेत्रों के ग्राहकों के लिए है।


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