नयी दिल्ली। प्राइवेट सेक्टर के बैंकों एक्सिस बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक ने अपने ग्राहकों की क्रेडिट कार्ड लिमिट में 30 से 90 फीसदी तक की कटौती कर दी है। दरअसल बैंकों को डर है कि लॉकडाउन के बीच सैलेरी में कटौती या नौकरी छूटने के कारण ग्राहक क्रेडिट कार्ड की पेमेंट नहीं कर सकेंगे। कोरोनावायरस के कारण देश भर में लगाए गए लॉकडाउन के बीच लोगों के लिए रोजमर्रा के खर्चे पूरा करना मुश्किल होता जा रहा है। ऐसे में क्रेडिट कार्ड की पेमेंट उन पर अधिक बोझ होगी। इसी के मद्देनजर इन बैंकों ने यह कदम उठाया है। बैंकों द्वारा क्रेडिट कार्ड की लिमिट कम करने से ग्राहक इसका कम ही इस्तेमाल कर सकेंगे। बता दें कि बैंकों ने क्रेडिट कार्ड के अलावा पर्सनल लोन की लिमिट घटाना भी शुरू कर दिया है।
एक्सिस बैंक के 2 लाख ग्राहक होंगे प्रभावित
इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार एक्सिस बैंक के लगभग 200,000 ग्राहकों की क्रेडिट कार्ड सीमा 15 अप्रैल से कम कर दी गई है। एक्सिस बैंक के एक ग्राहक के मुताबिक उनके एक्सिस बैंक विस्तारा कार्ड की क्रेडिट सीमा समय पर बकाया भुगतान करने के बावजूद 5,00,000 रुपये से घटा कर केवल 50,000 रुपये कर दी गई है। कस्टमर केयर से बात करने पर उस ग्राहक को ये तकनीकी गड़बड़ी बताई गई और कहा गया कि इसे कुछ दिनों में ठीक कर दिया जाएगा। ऐसे ही एक अन्य एक्सिस बैंक क्रेडिट कार्डधारक की लिमिट 7 लाख रु से घटा कर केवल 1.5 लाख रु कर दी गई है।
कोटक महिंद्रा बैंक का कड़ा कदम
एक्सिस बैंक की ही तरह कोटक महिंद्रा बैंक ने भी अपने ग्राहकों की क्रेडिट कार्ड सीमा घटा दी है। कोटक के एक कार्ड ग्राहक के अनुसार उनकी क्रेडिट सीमा 75,000 रुपये से कम कर के 44,000 रुपये कर दी गई है। बैंक की तरफ से इस मामले में कहा गया कि ये एक रेगुलर अकाउंट रिव्यू प्रोसेस है। बैंक अधिकारियों का कहना है कि ये एक रूटीन प्रक्रिया है। एक जानकार के अनुसार क्रेडिट कार्ड सीमा में कमी पूरी तरह बैंकों के फैसले पर ही निर्भर है। क्रेडिट सीमा पूरी तरह से बैंक के विवेक पर है, इसलिए यह कारोबारी जोखिम कम करने के लिए सबसे स्पष्ट टूल है। यानी क्रेडिट कार्ड लिमिट करके बैंक अपना बिजनेस जोखिम घटा रहे हैं।
क्या कहते हैं आंकड़े
आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार फरवरी के अंत तक क्रेडिट कार्ड पर बकाया 1.1 लाख करोड़ रुपये का था, जो आज तक का सबसे ऊंचा स्तर है। इसमें पिछले साल फरवरी के मुकाबले 26 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। जनवरी 2020 की समाप्ति पर देश में क्रेडिट कार्ड ग्राहकों की संख्या 5.6 करोड़ से अधिक है। वित्त वर्ष 2019-20 के पहले 11 महीनों में क्रेडिट कार्ड लोन कुल बैंक लोन का 1.2 फीसदी था। वित्त वर्ष 2014-15 में ये केवल 0.5 फीसदी था।
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