
UP: अब उत्तर प्रदेश के शहरों में लोगों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए ही मकान को बनाया जायेगा। मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार ने इसके लिए प्राधिकरणों से वर्ष की कार्य योजना मांगी है।
विकास प्राधिकरणों को इसके लिए कार्ययोजना तैयार करते हुए शासन को उपलब्ध कराना होगा। इसका मुख्य उद्देश्य मकानों को हाथों-हाथ बेचना है। राज्य के सभी प्राधिकरणों को आवास विभाग ने इस संबंध में निर्देश दिया है।
आवास विभाग ऐसा चाहता है कि फ्यूचर में ऐसे मकान को बनाया जाएं जिसे लोगों को लेने ज्यादा महंगा न पड़े। विकास प्राधिकरण वर्तमान में अपने हिसाब से आवासीय योजनाएं ले आते हैं, जिस वजह से मकान बिक नहीं पाते है और यह मकान धीरे-धीरे खंडहर होते जाते हैं।
इन बिंदुओं पर शासन के स्तर पर उच्च अधिकारियों की एक बैठक में विचार हुआ। इस विचार विमर्श के दौरान इस बात पर सहमति बनी है कि जब तक कार्य योजना तैयार नहीं होगी। मकान नहीं बनाएं जायें।
यह सहमति बनी की ऐसे मकान को बनाया जाएं जिनकी जरूरत हो। इसके आधार पर ही सर्वे के आधार पर मकान के निर्माण की अनिवार्यता की जा रही है।
श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर की तरफ से कहा गया है कि श्रमिकों के हितों के लिए बीओसी बोर्ड ने ऐतिहासिक कार्य किये हैं। अनिल राजभर की तरफ से कहा गया है कि मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार श्रमिकों और मजदूरों के लिए पूरी तरह समर्पित हैं।
विधान भवन स्थित तिलक हॉल में श्रम विभाग के अन्तर्गत बीओसीडब्ल्यू बोर्ड, श्रम आयुक्त संगठन, कारखाना व ब्वायलर विभाग के कार्यों की श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर समीक्षा कर रहे थे।
अनिल राजभर ने कहा कि आने वाले पांच साल में उत्तर प्रदेश को बाल श्रम मुक्त कराना उत्तर प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने अटल आवासीय स्कूलों का निर्माण कार्य के कार्य को शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए।


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