नई दिल्ली। 2 सरकारी बैंकों के निजीकरण के खिलाफ करीब 10 लाख बैंक कर्मचारी आज और कल यानी 15 मार्च और 16 मार्च 2021 को हड़ताल पर रहेंगे। इससे बैंक शाखाओं में पैसा जमा और उसकी निकासी सहित चेक क्लीयरिंग का काम प्रभावित होगा। इसके अलावा लोन स्वीकृति सेवा भी प्रभावित रहेगी। जिन एटीएम में पहले से पैसा भरा है, उनसे तो पैसा निकलेगा, लेकिन जो एटीएम खाली हो गए होंगे, उनको इस हड़ताल के दौरान नहीं भरा जा सकेगा। ऐसे में एटीएम सेवा भी प्रभावित रह सकती है। बैंकों की यह हड़ताल यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) ने बुलाई है।

हालांकि निजी बैंक खुले रहेंगे
देश में शनिवार और रविवार के चलते पहले ही 13 मार्च और 14 मार्च को बैंक बंद रहे हैं। इसके के अलावा अब दो दिन और बैंक रहेंगे। हालांकि राहत की बात यह है कि देश में निजी बैंक इस हड़ताल के दौरान खुले रहेंगे। इन निजी बैंकों में एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक सहित इंडसइंड बैंक शामिल हैं।

सरकार कर रही है बैंकिंग क्षेत्र में बड़े बदलाव
बजट में मोदी सरकार की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विनिवेश योजना के हिस्से के रूप में 2 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निजीकरण का प्रस्तावा किया था। सरकार इसके जरिए 1.75 लाख करोड़ रुपये जुटाने की योजना पर काम कर रही है। इसी के विरोध में बैंक कर्मचारी 2 दिन की हड़ताल कर रहे हैं। वहीं मोदी सरकार ने 2019 में भारतीय जीवन बीमा निगम यानी एलआईसी में अपनी हिस्सेदारी बेचकर आईडीबीआई बैंक से भी पीछा छुड़ाया था। इससे पहले 4 सालों में सरकार 14 पब्लिक सेक्टर बैंकों का मर्जर कर चुकी है।

बैंक हड़ताल में 9 यूनियनें शामिल
बैंक हड़ताल का नेतृत्व करने वाली यूएफबीयू 9 यूनियनों का नेतृत्व कर रही है। सदस्यों में ऑल इंडिया बैंक एम्प्लाइज एसोसिएशन (एआईबीईए), ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कन्फेडरेशन (एआईवीओसी), नेशनल कन्फेडरेशन ऑफ बैंक इम्प्लॉइज (एसीबीई), ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन (एआईबीओए), बैंक एंप्लॉइज ऑफ इंडिया (बीईएफआई), भारतीय राष्ट्रीय बैंक कर्मचारी महासंघ (आईएनबीईएफ), भारतीय राष्ट्रीय बैंक अधिकारी कांग्रेस (आईएनबीओसी), नेशनल बैंक ऑफ बैंक वर्कर्स (एनओबीडब्लू) और नेशनल ऑर्गेनाइजेशन ऑफ बैंक ऑफिसर्स (एनओबीओ) शामिल हैं।


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