नई दिल्ली, अगस्त 22। सामान्य सुविधाओं से वंचित वर्गों को पेंशन दिलाने का बेहतर लक्ष्य सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने एक घोषणा की है। मंत्रालय ने कहा है कि इनकम टैक्स भरने वाले नागरिक अब अटल पेंशन योजना में निवेश करने के योग्य नहीं होगें। अटल पेंशन योजना की शुरूआता मोदी सरकार ने 1 जून, 2015 को की थी। एपीवाई का उद्देश्य मुख्य रूप से असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है।
1 अक्टूबर के बाद नहीं कर सकेंगे निवेश
वित्त मंत्रालय ने टैक्सपेयर्स को अटल पेंशन योजना से वंछित करने के लिए जारी कि गई अधिसुचना में कहा कि 1 अक्टूबर, 2022 से, कोई भी नागरिक जो इनकम टैक्स भरता है या पहले भरता रहा है, वह एपीवाई में निवेश करने के पात्र नहीं होगा। वित्तीय सेवा विभाग ने ट्वीट कर के कहा, "01.10.2022 से इनकम टैक्स पेयर्स एपीवाई में निवेश करने के लिए पात्र नहीं होंगे। सामान्य सुविधाओं से वंचित वर्ग के लोगों के लिए पेंशन लाभों के बेहतर लक्ष्यीकरण के लिए एपीवाई के नियम में संशोधन किया गया है।
1000 से 5000 तक मिलती है पेंशन
अटल पेंशन योजना के तहत, लाभार्थियों को उनके किए गए निवेश के आधार पर 60 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद प्रति माह 1,000 रुपये से 5,000 रुपये के बीच न्यूनतम गारंटी पेंशन मिलती है।
टैक्सपेयर्स नहीं कर सकेंगे निवेश
अधिसूचना में यह बताया गया है कि यदि कोई ग्राहक जो टैक्सपेयर है या फिर रहा है 1 अक्टूबर, 2022 को या उसके बाद अटल पेंशन योजना में निवेश के लिए अप्लाई करता है तो बाद में उसका एपीवाई खाता बंद कर दिया जाएगा। पहले, 18-40 वर्ष की आयु के बीच का प्रत्येक भारतीय नागरिक किसी बैंक या डाकघर की शाखाओं में जहा उनका बचत खता है, एपीआई योजना में नामांकन के लिए पात्र थे।


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