नई दिल्ली, नवंबर 24। गौतम अडानी ने मुकेश अंबानी को पीछे छोड़ते हुए एशिया के सबसे अमीर शख्स का खिताब अपने नाम कर लिया है। ब्लूमबर्ग के पास सार्वजनिक रूप से उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक इससे पहले गौतम अडानी मुकेश अंबानी की 91 अरब डॉलर की संपत्ति की तुलना में 88.8 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ उनसे पीछे चल रहे थे। मुकेश अंबानी ने सालाना आधार पर अपनी संपत्ति में 14.3 अरब डॉलर जोड़े हैं, जबकि गौतम अडानी की संपत्ति में 55 अरब डॉलर का इजाफा हुआ है। हाल ही में ओ2सी सौदे को रद्द करने के बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर दबाव में है। आज भी कंपनी का शेयर 1.77 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2,343.55 रुपये पर बंद हुआ।
गौतम अडानी को फायदा
दूसरी ओर अडानी समूह के शेयर बढ़त के साथ बंद हुए। अदानी एंटरप्राइजेज 2.34 फीसदी बढ़ कर 1747.95 रुपये पर बंद हुआ। अडानी पोर्ट्स 3.94 फीसदी बढ़ कर 758 रुपये पर बंद हुआ। हालांकि अडानी ट्रांसमिशन के शेयर में कमजोरी आई। अडानी ट्रांसमिशन का शेयर 0.74 फीसदी की कमजोरी के साथ 1940.05 रु पर बंद हुआ। अडानी समूह के दो शेयर अडानी ग्रीन और अडानी टोटल भी गिरावट के साथ बंद हुए।
अंबानी की स्थिति भी मजबूत
भारत की सबसे वैल्यूएबल कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी लंबे समय से सबसे अमीर भारतीय के पद पर बने हुए हैं। 2015 में, सन फार्मा के टॉप बॉस दिलीप सांघवी ने अंबानी को सबसे अमीर भारतीय के तौयर कुछ समय के लिए रिप्लेस किया था। लेकिन जून 2015 से, अंबानी सबसे अमीर भारतीय के पद पर बरकरार हैं।
जियो से मिली ताकत
रिलायंस जियो के लॉन्च के बाद से उनकी स्थिति और मजबूत हुई। जियो ने भारतीय टेलीकॉम इंडस्ट्री में क्रांति ला दी। मगर समय के साथ उनके पास एक चैलेंजर आ गया। अडानी समूह के अध्यक्ष और काफी समय तक दूसरे सबसे अमीर भारतीय रहे गौतम अडानी, जो अब भारत के साथ ही एशिया के भी सबसे अमीर व्यक्ति बन गए हैं।
मुकेश अंबानी के पास आगे है मौका
लंबी अवधि में रिलायंस इंडस्ट्रीज की संभावनाएं अच्छी दिख रही हैं क्योंकि इसके दो मुख्य ग्रोथ इंजन हैं। इनमें रिलायंस जियो प्लेटफॉर्म्स और रिलायंस रिटेल शामिल हैं। ये ऑर्गेनिक और इनऑर्गेनिक दोनों तरह से बढ़ रही हैं। रिलायंस रिटेल, भारत की सबसे बड़ी संगठित रिटेल कंपनी, अधिग्रहण की होड़ में है, जबकि जियो लगातार नए उत्पादों को लॉन्च करके अपने ग्राहक आधार का विस्तार कर रही है।
आईपीओ से मचेगी धूम
विश्लेषकों का कहना है कि रिलायंस जियो और रिलायंस रिटेल की रियल वैल्यू का पता तब चलेगा जब कंपनियां अपने आईपीओ पेश करेंगी, जिसकी उम्मीद अगले चार सालों में कभी भी बन सकती है। पिछले साल महामारी के दौरान, रिलायंस इंडस्ट्रीज की दोनों सहायक कंपनियों ने गूगल और फेसबुक सहित संस्थागत निवेशकों से कुल मिलाकर 2 लाख करोड़ रुपये जुटाए थे। उस समय जियो प्लेटफॉर्म्स की वैल्यू 4.36 लाख करोड़ रुपये थी, जबकि रिलायंस रिटेल की वैल्यू 4.6 लाख करोड़ रुपये आंकी गयी थी। इसलिए अनुमान है कि भले ही अडानी ने फिलहाल अंबानी को सबसे अमीर व्यक्ति के रूप में पछाड़ दिया, लेकिन उनके इस पद पर लंबे समय तक रहने की संभावना नहीं है, क्योंकि रिलायंस जियो और रिलायंस रिटेल का रियल वैल्यू अभी तक अनलॉक नहीं हुई है।


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