Asian Market Today: एशियाई शेयर बाजारों में आज यानी 23 अक्टूबर को भारी बिकवाली देखने को मिल रही है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर बढ़ते खर्च और इससे भविष्य में मिलने वाले रिटर्न को लेकर निवेशकों की चिंता बढ़ गई है। इसका असर दुनिया भर के टेक्नोलॉजी शेयरों पर दिखाई दे रहा है। दक्षिण कोरिया से लेकर जापान तक के बाजार दबाव में हैं। वहीं, अमेरिकी बाजारों में भी टेक शेयरों की तेज गिरावट ने निवेशकों का भरोसा कमजोर किया है।

दक्षिण कोरिया का कोस्पी (KOSPI) इंडेक्स करीब 3.5% तक टूट गया। यह इंडेक्स AI और सेमीकंडक्टर सेक्टर के लिए अहम माना जाता है। इस गिरावट के साथ कोस्पी अप्रैल के बाद अपने सबसे निचले स्तर के करीब पहुंच गया। जापान के बाजारों में भी बिकवाली देखने को मिली। निक्केई 225 और टॉपिक्स इंडेक्स 1.5% से ज्यादा गिर गए। एशिया-प्रशांत क्षेत्र के शेयर बाजारों का प्रदर्शन भी कमजोर रहा। लगातार दूसरे सत्र में क्षेत्रीय बाजारों पर दबाव बना हुआ है।
अमेरिकी बाजारों में टेक शेयरों की पिटाई-
एशियाई बाजारों में गिरावट की एक बड़ी वजह अमेरिकी बाजारों में टेक शेयरों की बिकवाली है। AI सेक्टर में भारी निवेश के बावजूद कंपनियों को इससे कितनी कमाई होगी, इसे लेकर सवाल उठने लगे हैं। निवेशक अब यह आकलन कर रहे हैं कि AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च की मौजूदा रफ्तार से कंपनियों को पर्याप्त मुनाफा मिल पाएगा या नहीं। अमेरिका में नैस्डैक 2.5% से ज्यादा गिरा। इंटेल, AMD, माइक्रॉन और NVIDIA जैसे बड़े टेक शेयरों में करीब 4% से 8% तक की गिरावट दर्ज की गई। AI से जुड़े शेयरों में बिकवाली का असर दूसरे बाजारों पर भी पड़ रहा है। निवेशक अब जोखिम वाले शेयरों से पैसा निकालकर सरकारी बॉन्ड जैसी अपेक्षाकृत सुरक्षित संपत्तियों की ओर रुख कर रहे हैं।
सुरक्षित निवेश की ओर बढ़ा रुझान-
बाजार में अनिश्चितता बढ़ने से अमेरिकी सरकारी बॉन्ड की मांग में तेजी आई। गुरुवार को अमेरिका की 10 साल की ट्रेजरी यील्ड 17 बेसिस पॉइंट गिरकर 4.96% पर आ गई। वहीं, जापानी येन भी मजबूत हुआ। एशियाई कारोबार की शुरुआत में येन डॉलर के मुकाबले 0.4% मजबूत होकर 156.20 प्रति डॉलर पर पहुंच गया।
क्रूड की तेजी ने बढ़ाई चिंता-
दूसरी तरफ, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी भी बाजार के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। ब्रेंट क्रूड पिछले सत्र में 4% से ज्यादा उछलकर 114 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया। सऊदी अरब में हिंसक घटनाओं के बाद तेल की आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं। कच्चे तेल में तेजी महंगाई का दबाव बढ़ा सकती है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था और ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता बढ़ सकती है।
भारतीय बाजार पर क्या होगा असर?
एशियाई और अमेरिकी बाजारों में कमजोरी के बावजूद भारतीय बाजार के लिए शुरुआती संकेत कुछ बेहतर दिखाई दिए। गिफ्ट निफ्टी करीब 130 अंकों की बढ़त के साथ कारोबार की शुरुआत का संकेत दे रहा था। हालांकि, वैश्विक बाजारों में जारी बिकवाली के कारण भारतीय बाजार में भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। ऐसे में निवेशकों को टेक्नोलॉजी शेयरों, कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक बाजारों की चाल पर नजर रखनी
होगी।[Disclaimer: यहां व्यक्त किए गए विचार और सुझाव केवल व्यक्तिगत विश्लेषकों या इंस्टीट्यूशंस के अपने हैं। ये विचार या सुझाव Goodreturns.in या ग्रेनियम इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड (जिन्हें सामूहिक रूप से 'We' कहा जाता है) के विचारों को प्रतिबिंबित नहीं करते हैं। हम किसी भी कंटेंट की सटीकता, पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी, समर्थन या ज़िम्मेदारी नहीं लेते हैं, न ही हम कोई निवेश सलाह प्रदान करते हैं या प्रतिभूतियों (सिक्योरिटीज) की खरीद या बिक्री का आग्रह करते हैं। सभी जानकारी केवल सूचनात्मक और शैक्षिक उद्देश्यों के लिए प्रदान की जाती है और कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले लाइसेंस प्राप्त वित्तीय सलाहकारों से स्वतंत्र रूप से सत्यापित जरूर करें।]


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