एशियाई शेयर बाजारों में मंगलवार, 13 अक्टूबर को भारी बिकवाली देखने को मिली। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में बढ़ती बिकवाली और अमेरिका में कंपनियों के तिमाही नतीजों से पहले निवेशकों की सतर्कता ने बाजार का माहौल कमजोर कर दिया। दक्षिण कोरिया का कोस्पी और जापान का निक्केई प्रमुख गिरावट वाले सूचकांकों में शामिल रहे। टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर कंपनियों के शेयरों में कमजोरी का असर पूरे क्षेत्र के बाजारों पर दिखाई दिया। इसके अलावा, अमेरिकी बाजार से जुड़े वायदा संकेतकों में गिरावट ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ाई।

दरअसल, पिछले कुछ वर्षों में AI तकनीक से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली है। निवेशकों को उम्मीद है कि AI के बढ़ते इस्तेमाल से कंपनियों की कमाई और मुनाफे में बड़ा इजाफा होगा। हालांकि, अब बाजार में इस बात को लेकर सवाल उठने लगे हैं कि AI पर बड़े पैमाने पर किए जा रहे निवेश से कंपनियों को वास्तव में कितना फायदा होगा।
कोस्पी और निक्केई में तेज गिरावट-
एशिया-प्रशांत क्षेत्र के शेयर बाजारों को ट्रैक करने वाला MSCI एशिया-पैसिफिक इंडेक्स करीब 0.9% गिर गया। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स शुरुआती कारोबार में लगभग 4.8% तक टूट गया। इस गिरावट में चिप बनाने वाली प्रमुख कंपनियों के शेयरों का बड़ा योगदान रहा। SK Hynix और Samsung Electronics के शेयर 5% से ज्यादा नीचे आ गए।
जापान में निक्केई 225 इंडेक्स करीब 2% गिरा। लंबी छुट्टी के बाद कारोबार शुरू होने के दौरान निवेशकों की बिकवाली ने बाजार पर दबाव बढ़ाया। वहीं, अमेरिका के शेयर बाजार से जुड़े वायदा संकेतकों में भी कमजोरी रही। Nasdaq 100 के वायदा कारोबार में करीब 0.5% की गिरावट दर्ज की गई। इन संकेतों से पता चलता है कि AI और सेमीकंडक्टर कंपनियों के शेयरों में तेजी को लेकर निवेशक अब पहले के मुकाबले ज्यादा सतर्क हो रहे हैं।
AI कंपनियों के ऊंचे मूल्यांकन पर सवाल-
पिछले कुछ वर्षों में AI तकनीक से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में जबरदस्त तेजी आई है। निवेशकों को उम्मीद रही है कि AI के बढ़ते इस्तेमाल से कंपनियों की कमाई में तेजी आएगी। हालांकि, अब बाजार में इस बात पर चर्चा बढ़ रही है कि AI पर बड़े पैमाने पर खर्च करने के बाद कंपनियां कितना वास्तविक मुनाफा कमा पाएंगी।
AI से जुड़े कारोबार में प्रतिस्पर्धा भी बढ़ रही है। चीन की कंपनियां मेमोरी चिप और AI तकनीक के क्षेत्र में अपनी क्षमता बढ़ा रही हैं। इससे अमेरिकी कंपनियों के सामने प्रतिस्पर्धा का दबाव बढ़ सकता है। इसके अलावा, ऊंची ब्याज दरों के कारण कंपनियों के लिए कर्ज लेकर विस्तार करना महंगा हो सकता है। निवेशकों को यह भी चिंता है कि यदि AI पर खर्च बढ़ता रहा, लेकिन कमाई उम्मीद के मुताबिक नहीं बढ़ी, तो ऊंचे मूल्यांकन वाले शेयरों में और गिरावट आ सकती है।
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