Apple Jobs: भारत में iPhone मैन्युफैक्चरिंग बढ़ाने के लिए Apple ने एक अहम फैसला लिया है। ये कंपनी बड़ी संख्या में लोगों को जॉब देने वाली हैं। मार्च 2025 तक कंपनी का फोकस 2 लाख से ज्यादा रोजगार के अवसर प्रदान करना है, जिनमें से 70% पद महिलाओं के लिए होंगे। यह कदम Apple की चीन पर निर्भरता कम करने का हिस्सा है। आइए इसके बारे में आपको पूरी जानकारी देते हैं।

इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री में जॉब करने का मिलेगा मौका
साल 2020 में प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) योजना की शुरुआत के बाद से, Apple के वेंडर्स और सप्लायर ने भारत में 1.65 लाख नए रोजगार क्रिएट की हैं। iPhone उत्पादन में वृद्धि ने इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में रोजगार के अवसरों को काफी हद तक बढ़ा दिया है।
फॉक्सकॉन, विस्ट्रॉन (अब टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स) और पेगाट्रॉन सहित एप्पल के कॉन्ट्रैक्ट निर्माताओं ने पहले ही भारत में 80,872 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार प्रदान किया है। इसके अतिरिक्त, टाटा समूह, मद्रासन, फॉक्सलिंक (तमिलनाडु), सनवोडा (उत्तर प्रदेश), सालकॉम्प, एटीएल (हरियाणा) और जाबिल (महाराष्ट्र) जैसे सप्लायर ने लगभग 84,000 नौकरियां पैदा की हैं।
दुनियाभर के आईफोन प्रोडक्शन पर पड़ेगा असर
दुनियाभर में iPhone प्रोडक्शन में भारत के योगदान में वृद्धि देखी गई है। वित्त वर्ष 2023-24 में भारत में iPhone प्रोडक्शन 1.20 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जिसमें 85,000 करोड़ रुपये का निर्यात शामिल है। भारत अब दुनिया के 14% iPhone का प्रोडक्शन करता है, जो पिछले साल सिर्फ 7% था।
इंडियन मैन्युफैक्चरिंग की ओर बदलाव 2021 में शुरू हुआ जब Apple ने पहली बार चीन के बाहर iPhone असेंबल करना शुरू किया। इस कदम से भारत की iPhone मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं में वृद्धि हुई है।
ब्लू-कॉलर जॉब्स भी बढ़ेंगी
हाल ही में आई एक रिपोर्ट में बताया गया है कि Apple कुछ ही सालों में भारत में ब्लू-कॉलर जॉब्स के सबसे बड़े मैन्युफैक्चर्स में से एक बन गया है। इंडियन मैन्युफैक्चरिंग के साथ कंपनी के सहयोग के परिणामस्वरूप अलग-अलग राज्यों में पर्याप्त रोजगार मिलना शुरु हुआ है।
चीन में, Apple ने पिछले 25 सालों में अपनी मैन्युफैक्चरिंग लाइनों और ऐप विकास के माध्यम से चार मिलियन से अधिक नौकरियां पैदा की हैं। कंपनी के अनुसार, इनका लक्ष्य लोकल सप्लाइयर और निर्माताओं के साथ मिलकर काम करके भारत में भी इसी तरह की सफलता को दोहराना है।
देशभर में आईफोन फैक्टरियों की ओर से इस त्योहारी सीजन में 10,000 से ज्यादा लोगों को प्रत्यक्ष तौर पर नौकरी दी जाएगी। एप्पल का जोर भारत में निवेश बढ़ाने पर भी है। यह कंपनी कुल मिलाकर लगभग छह लाख लोगों के लिए रोजगार पैदा कर सकता है।
इंडियन मैन्युफैक्चरिंग पर बढ़ा हुआ ध्यान Apple न केवल वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार में भारत की स्थिति को मजबूत करती है, बल्कि रोजगार के माध्यम से महत्वपूर्ण आर्थिक लाभ भी प्रदान करती है।


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