नई दिल्ली, जनवरी 4। अमेरिका की दिग्गज कंपनी ऐप्पल ने सोमवार को एक नया बड़ा मुकाम हासिल कर लिया। कंपनी 3 ट्रिलियन डॉलर वाली दुनिया की पहली कंपनी बन गयी है। निवेशकों को उम्मीद है कि आईफोन निर्माता सबसे अधिक बिकने वाले प्रोडक्ट को लॉन्च करती रहेगी। साथ ही यह ऑटोमैटेड कार और वर्चुअल रियलिटी जैसे नए मार्केट की खोज भी कर रही है। यही वजह है कि कंपनी के शेयर में तेजी आई, जिससे इसकी मार्केट कैपिटल 3 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंची। मगर कल मार्केट बंद होने पर इसकी मार्केट कैपिटल में हल्की गिरावट आई और यह 2.99 ट्रिलियन डॉलर पर रही।
कहां तक गया शेयर
2022 में ट्रेडिंग के पहले दिन ऐप्पल का शेयर 182.88 डॉलर के इंट्राडे रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गया, जिससे ऐप्पल की मार्केट वैल्यू 3 ट्रिलियन डॉलर से थोड़ी ऊपर तक पहुंच गयी। शेयर ने 2.5 फीसदी की बढ़त के साथ 182.01 डॉलर पर कारोबारी दिन का अंत किया, जिससे ऐप्पल की मार्केट कैपिटल 2.99 ट्रिलियन डॉलर रही। दुनिया की सबसे अधिक वैल्यू वाली कंपनी ने नया रिकॉर्ड निवेशकों के दम पर बना पाई, क्योंकि उन्हें उम्मीद है कि उपभोक्ता आईफोन, मैकबुक और ऐप्पल टीवी और ऐप्पल म्यूजिक जैसी सेवाओं का इस्तेमाल करना जारी रखेंगे।
शानदार उपलब्धि की हासिल
इसे ऐप्पल की एक शानदार उपलब्धि माना जा रहा है। इस नये कीर्तिमान से पता चलता है कि ऐप्पल कितनी आगे आ गयी है और यह कितनी प्रभावशाली है। ऐप्पल माइक्रोसॉफ्ट के साथ 2 ट्रिलियन डॉलर के मार्केट वैल्यू को क्लब शेयर करती है, जिसकी वैल्यू अब लगभग 2.5 ट्रिलियन डॉलर है। ऐल्फाबेट, अमेजन और टेस्ला की मार्केट कैपिटल 1 ट्रिलियन डॉलर से ऊपर है। वहीं सऊदी अरब की तेल कंपनी की मार्केट कैपिटल लगभग 1.9 ट्रिलियन डॉलर है।
कैसा रहा है शेयर
जनवरी 2007 में सह-संस्थापक और पूर्व सीईओ स्टीव जॉब्स द्वारा पहले आईफोन को लॉन्च करने के बाद से ऐप्पल के शेयरों में लगभग 5,800 फीसदी की वृद्धि हुई है, जो इसी अवधि के दौरान एसएंडपी 500 के लगभग 230 फीसदी के लाभ से कहीं अधिक है। टिम कुक के अंडर, जो 2011 में जॉब्स की मृत्यु के बाद सीईओ बने, ऐप्पल ने वीडियो स्ट्रीमिंग और म्यूजिक जैसी सर्विसेज से कंपनी की इनकम में तेजी से वृद्धि की है। इससे ऐप्पल की निर्भरता सिर्फ आईफोन पर कम हुई।
आईफोन से इनकम
ऐप्पल 2018 में 60 फीसदी से अधिक इनकम आईफोन से हासिल करती थी, जो घट कर 2021 में 52 फीसदी तक आ गयी। इससे निवेशकों को राहत मिली, जो इस बात को लेकर चिंतित थे कि कंपनी अपने टॉप प्रोडक्ट पर ही काफी अधिक निर्भर करती है।
5 जी से फायदा
अभी भी, कुछ निवेशकों को चिंता है कि ऐप्पल अपने यूजर बेस का कितना विस्तार कर सकती है और हर उपयोगकर्ता से कितनी इनकम हासिल कर सकती है। इसकी कोई गारंटी भी नहीं है कि फ्यूचर प्रोडक्ट कैटेगरी आईफोन की तरह ही आकर्षक साबित हों। मगर 5जी, वर्चुअल रियलिटी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी तकनीकों के तेजी से बढ़ने ने ऐप्पल और दूसरी बिग टेक कंपनियों के आकर्षण को बढ़ा दिया है। वहीं चीन में, दुनिया के सबसे बड़े स्मार्टफोन बाजार में, ऐप्पल ने वीवो और शिओमी जैसे प्रतिद्वंद्वियों को पछाड़ते हुए लगातार दूसरे महीने बढ़त बनाए रखी।


Click it and Unblock the Notifications