नई दिल्ली, फरवरी 1। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज पेश किए गए केंद्रीय बजट को "लोगों के अनुकूल और प्रगतिशील" कहा। उन्होंने आगे कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत बजट अधिक इंफ्रास्ट्रक्चर, अधिक निवेश, अधिक डेवलपमेंट और अधिक नौकरियों की नई संभावनाओं से भरा है। पीएम मोदी के अनुसार यह बजट 100 साल की भयानक आपदा (कोविड -19) के बीच विकास का एक नया विश्वास लेकर आया है। यह बजट अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ आम आदमी के लिए कई नए अवसर पैदा करेगा। इस बजट का एक अहम पहलू गरीबों का कल्याण है। हर गरीब के पास पक्का घर हो, नल से पानी हो, शौचालय हो, गैस की सुविधा हो, इन सब पर विशेष ध्यान दिया गया है। साथ ही साथ आधुनिक इंटरनेट कनेक्टिविटी पर भी उतना ही जोर दिया जा रहा है।
पर्वतमाला स्कीम
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि आम लोगों की प्रतिक्रियाओं ने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को उनकी सेवा करने का एक नया संकल्प दिया है। पीएम मोदी ने कहा कि देश में पहली बार ऐसा हो रहा है कि हिमाचल, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, नॉर्थ ईस्ट जैसे इलाकों के लिए पर्वतमाला योजना शुरू की जा रही है। यह योजना पहाड़ों पर परिवहन की एक आधुनिक प्रणाली का निर्माण करेगी। कुल मिला कर पीएम मोदी ने बजट को काफी अच्छा बताया।
क्या बोले विपक्षी नेता
कांग्रेस पार्टी के नेता शशि थरूर ने बजट की आलोचना करते हुए कहा कि यह बहुत ही निराशाजनक है। महंगाई लगातार बढ़ रही है और मध्यम वर्ग को इनकम टैक्स में राहत नहीं मिली। वहीं पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि बेरोजगारी और महंगाई से कुचले जा रहे आम लोगों के लिए बजट जीरो है। सरकार बड़े शब्दों में खो गई है, जिसका कोई मतलब नहीं है। सीपीएम नेता सीताराम येचुरी ने सवाल किया कि यह बजट किसके लिए है? उनके अनुसार भारत के 10 फीसदी अमीरों के पास देश की कुल 75 फीसदी और नीचे के 60 फीसदी लोगों के पास 5 फीसदी संपत्ति है। उन्होंने आगे कहा कि महामारी के दौरान बेरोज़गारी और ग़रीबी बढ़ी, लेकिन जिन्होंने ज्यादा पैसा कमाया उनसे ज़्यादा टैक्स क्यों नहीं लिया जा रहा है? कांग्रेस के एक अन्य नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला के अनुसार बजट में ग़रीब, नौकरीपेशा, मध्यम वर्ग, किसान, युवाओं और छोटे उद्योगों के लिए कुछ नहीं है। बजट की आलोचना करने वाले अन्य नेताओं में राहुल गांधी और मायावती भी शामिल हैं।
भाजपा नेता क्या बोले
वहीं सत्तारूढ़ भाजपा के नेताओं ने बजट की जम कर तारीफ की है। केंद्रीय वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री अश्विनी चौबे के अनुसार ये बजट ''अमृत बजट'' है। केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने बजट को 'आत्मनिर्भर भारत' को आश्वस्त करने वाला बताया। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के मुताबिक यह बजट गरीब, ग्रामीण, सीमावर्ती क्षेत्र और पूर्वोत्तर सहित सभी वर्गों के हितों के लिए बेहतर है।
क्या बोले से मार्केट से जुड़े लोग
अभीक बरुआ, मुख्य अर्थशास्त्री, एचडीएफसी बैंक ने कहा है कि 2022-23 के बजट में आर्थिक सुधार को सपोर्ट करने के साथ फिस्कल रिकवरी को बैलेंस किया गया है। उनके अनुसार बजट विकास को चलाने के लिए पूंजीगत व्यय को बढ़ाने की एक परिचित रणनीति पर केंद्रित है। आशित शाह, पार्टनर, जे सागर एसोसिएट्स के मुताबिक बजट में प्रस्तावित किया गया है कि आईबीसी को और अधिक प्रभावी बनाने और सीमा पार (क्रॉस बॉर्डर) दिवालापन की सुविधा के लिए कानून में संशोधन किए जाएंगे। संजय पल्वे, वरिष्ठ प्रबंध निदेशक, एस्सार कैपिटल के मुताबिक केंद्रीय बजट 2022 विकासोन्मुखी (ग्रोथ ओरिएंटेड) और भविष्योन्मुखी (फ्यूचरिस्टिक) है, जिसमें समावेशी विकास, उत्पादकता वृद्धि, एनर्जी ट्रांसिश, क्लाइमेट एक्शन और निवेश फाइनेंसिंग पर ध्यान दिया गया है।


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