नयी दिल्ली। देश की सबसे अधिक मार्केट कैपिटल वाली कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज ने एक और रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। मार्केट कैपिटल 14 लाख करोड़ रुपये से अधिक की रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने रिलायंस इंडस्ट्रीज ने दुनिया की दूसरी सबसे मूल्यवान ऊर्जा कंपनी बनने के लिए एक्सॉनमोबिल को पीछे छोड़ दिया है। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार तेल-से-टेलीकॉम तक की दिग्गज रिलायंस अब मार्केट कैपिटल मामले में वैश्विक स्तर पर 46वें स्थान पर पहुंच गई है। गुरुवार को रिलायंस 48वें स्थान पर थी, मगर एक्सॉनमोबिल से पीछे थी। शुक्रवार को इसके शेयर की कीमत 2,146.20 रुपये पर वापस लौटने से पहले 2,163 रुपये के ऑल-टाइम हाई पर पहुंची, जिससे कंपनी 46वें स्थान पर पहुंची।
इस समय कितनी मार्केट कैपिटल
इस समय रिलायंस की मार्केट कैपिटल 13.6 लाख करोड़ रु है। रिलायंस की 13.6 लाख करोड़ रुपये की मार्केट कैपिटल में अगर इसके आंशिक रूप से भुगतान किए गए शेयरों (जो हाल ही में आए राइट्स इश्यू में जारी किए गए) की 54,262 करोड़ रुपये की मार्केट कैपिटल को शामिल करें तो इसकी जॉइंट मार्केट वैल्यू 14.1 लाख करोड़ रुपये या 189.3 अरब डॉलर हो गई है। वहीं एक्सॉनमोबिल की मार्केट कैपिटल 184.7 अरब डॉलर की है। वैश्विक स्तर पर सऊदी अरामको के पास सबसे अधिक 1.75 ट्रिलियन डॉलर की मार्केट कैप है, उसके बाद ऐप्पल (1.6 ट्रिलियन डॉलर), माइक्रोसॉफ्ट ($ 1.5 ट्रिलियन), अमेज़ॅन (1.48 ट्रिलियन), और अल्फाबेट (1.03 ट्रिलियन डॉलर) का नंबर है।
सऊदी अरामको सबसे बड़ी ऊर्जा कंपनी
वैश्विक स्तर पर दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी और सबसे बड़ी ऊर्जा कंपनी भी सऊदी अरामको ही है। रिलायंस अब दूसरी सबसे मूल्यवान ऊर्जा फर्म है। किसी भी भारतीय कंपनी ने कभी भी 14 लाख करोड़ रुपये की मार्केट कैप के आंकड़े को पार नहीं किया है। मार्केट कैप में एक्सॉनमोबिल से आगे निकलने के अलावा रिलायंस शेवरॉन से भी ऊपर है, जिसकी मार्केट कैप लगभग 169 अरब डॉलर की। साथ ही ये ओरेकल, यूनिलीवर, बैंक ऑफ चाइना, बीएचपी ग्रुप, रॉयल डच शेल और सॉफ्टबैंक ग्रुप से भी आगे पहुंच चुकी है।
एशिया में 10वां नंबर
रिलायंस एशिया की 10वीं सबसे अधिक मार्केट कैपिटल वाली कंपनी है। चीन का अलीबाबा ग्रुप वैश्विक स्तर पर 7वें स्थान पर है। 46वीं रैंक पर रिलायंस पेप्सिको से ठीक नीचे है, जिसकी मार्केट कैपिटल 189.8 अरब डॉलर की है। 23 मार्च 2020 को रिलायंस शेयर की कीमत 867 रुपये के निचले स्तर तक गिर गई थी, तब कंपनी की कुल मार्केट कैपिटल 5.5 लाख करोड़ रुपये या 73.5 अरब डॉलर रह गई थी। मगर इसने अगले चार महीनों के अंदर निवेशकों की संपत्ति में 115.9 अरब डॉलर का इजाफा किया। इसके पीछे असल कारण रिलायंस द्वारा अपनी डिजिटल इकाई जियो प्लेटफार्म्स में इक्विटी हिस्सेदारी बेचना है। इसने पांच सप्ताह के भीतर 39 अरब डॉलर की मार्केट कैपिटल जोड़ी है। वहीं पिछले 14 ट्रेडिंग सत्रों में इसकी मार्केट कैपिटल 29 अरब डॉलर बढ़ी है। रिलायंस ने राइट्स इश्यू, जियो प्लेटफॉर्म्स में इक्विटी बिक्री और अपने ईंधन रिटेलिंग उद्यम में बीपी द्वारा निवेश के जरिए के जरिए कुल 2,12,809 करोड़ रुपये जुटाए।
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