
YouTube : यूट्यूब जो दुनिया का सबसे पॉपुलर वीडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म है। इस प्लेटफॉर्म के नए सीईओ का ऐलान हो गया है। गुरुवार को यूट्यूब कि पैरंट कंपनी अल्फाबेट इंक ने इस कंपनी के सीईओ की घोषणा कर दी है। इस कंपनी के नए सीईओ की जिम्मेदारी भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक नील मोहन को सौंपी गई है। बता दे नील मोहन यूट्यूब के एक कर्मचारी थे। जिन्हें प्रमोशन दिया गया है। इसके बाद इन्हें सीईओ की कमान सौंपी गई है।
कौन है भारतीय मूल के नील मोहन
नील मोहन साल 2008 से यूट्यूब के साथ जुड़े हुए हैं। नील मोहन यूट्यूब के नए सीईओ और वाइस प्रेसिडेंट है। साल 2013 में कंपनी में उन्हें 554 करोड रुपए का बोनस दिया था। अल्फाबेट जो यूट्यूब की मूल कंपनी है। इस कंपनी के सीईओ की भारतवंशी सुंदर पिचाई है। सुंदर पिचाई नए साल 2015 में सीईओ ऑफिसर की जिम्मेदारी संभाली थी।
साल 2008 में गूगल ने डबलक्लिक इंक का अधिग्रहण कर लिया
स्टैंड फॉर स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से नील मोहन ने अपनी ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। मोहन ने अपने करियर की शुरुआत ग्लोरिफाइड टेक्नोलॉजी सपोर्ट से की थी। यहां पर नीलकमल एक्सचेंजर में सीनियर एनालिस्ट के पद पर काम किया है। इसके अलावा नीलकमल डबल क्लिपिंग में 3 साल तक काम किया। इसके बाद उन्होंने बिजनेस ऑपरेटिंग की लगभग ढाई वर्ष तक वाइस प्रेसिडेंट की जिम्मेदारी संभाली। इतना ही नहीं नीलकमल ने लगभग 2.5 वर्ष तक बिजनेस ऑपरेटिंग में वाइस प्रेसिडेंट की जिम्मेदारी को संभाली। इसके साथ ही नीलकमल के पास माइक्रोसॉफ्ट में भी काम का अनुभव है। इसके बाद गूगल ने डबल इंक का अधिग्रहण साल 2008 कर लिया था। जिसके बाद से नीलकमल गूगल में शामिल हो गए।
कंपनी की शुरुआत वोजक्सी ने गैरेज से की थी
सुजान वोजक्सी जो 54 वर्ष की है। इन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। सुजान ने इस इस्तीफा को अपनी पर्सनल लाइफ परिवार और स्वास्थ्य पर फोकस करने के लिए दिया। सुजान वोजक्सी ने यूट्यूब के सीईओ के रूप में वर्ष 2014 की जिम्मेदारी संभाली थी। 25 वर्ष पहले वोजक्सी ने अपने कंपनी की शुरुआत की थी। आज यूट्यूब सबसे पहले पापुलर वीडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म बन गया है।


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