
Punjab : मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंजाब में उद्योग लगाने के इच्छुक उद्योगपतियों के लिए हरे रंग का एक नया स्टांप शुरू करने का ऐलान किया है। इसमें उद्योग को लगाने के लिए सभी तरह के अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) पहले से ही पहले से अटैच रहेंगे। इससे उद्योगपतियों को फायदा होगा कि उनको अलग-अलग एनओसी के लिए कार्यालय के चक्कर नहीं लगाना होगा।
उद्योग को लगाने के लिए सीएलयू इसके साथ ही सभी एनओसी 2 सफ्ताह के भीतर प्रदान कर दिए जाएंगे। इसके साथ ही उद्योग की सुविधा के लिए कलर कोडेड स्टैंप पेपर को लॉन्च करने वाला पंजाब, भारत का पहला राज्य बन गया है।
एक वीडियो संदेश के माध्यम से शुक्रवार मुख्य मंत्री भगवंत मान ने कहा कि यह एक क्रांतिकरी कदम है, जिसका उद्देश्य पंजाब के उद्योग लगाने की प्रोसेस को आसान बनाना है।
जो भी उद्योगपति राज्य में अपनी उद्योग की इकाई को स्थापित करना चाहता है वो उद्योगपति इन्वेस्ट पंजाब पोर्टल या इन्वेस्ट पंजाब के कार्यालय के माध्यम से उक्त कलर कोडेड स्टांप पेपर को हासिल कर सकता है।
उद्योगपतियों को यूनिट लगाने के लिए सिर्फ यह एक स्टांप पेपर को खरीद कर वन, सीएलयू, प्रदूषण, अग्नि और दूसरे सभी संबंधी मंजूरी लेने के लिए अलगा से चार्ज नहीं देना होगा। ऐसे सभी जो शुल्क कलर कोडेड स्टांप पेपर के प्राइस में ही शामिल होंगे।
सीएम मान ने कहा कि उद्योगपतियों को अपनी यूनिट स्थापित करने के लिए स्टांप पेपर को खरीदने के बाद 15 दिन में ही सभी विभागों से संबंधी जरूरी मंजूरी मिल जायेगी।
यह जो पहल है इस पहल का विचार इस वर्ष की शुरुआत में आयोजित निवेश पंजाब के दौरान देश भर के उद्योगपतियों के साथ बैठक में आया था। पंजाब के मुख्य मंत्री भगवंत मान ने यह आशा जताई है कि इस पहले से उद्योगपतियों के वक्त और पैसे की बचत तो होगी ही इसके साथ ही ऊर्जा की होगी।
सीएम मान की तरफ से कहा गया है कि यह हरे रंग का स्टांप इस बात का प्रतीक होगा कि उद्योग की यूनिट को स्थापित करने के लिए आवश्यक मंजूरी के लिए पहले ही सारी फीस अदा कर चुके है।
पंजाब सरकार के द्वारा आम लोगों को मकान व प्लाट आदि खरीदने के लिए भी सरकार के द्वारा ऐसे ही कलर कोडेड स्टांप पेपर लाने पर विचार कर रही है।
सीएम ने उद्योग को लगाने के लिए लागू किए ग्रीन रंग के स्टांप पेपर के बारे में उदाहरण देते हुए बताया कि अगर कोई उद्योगपति है जो पंजाब के किसी गांव में उद्योग लगाने के लिए जमीन का चयन कर लेता था, तो फिर भूमि की सीएलयू सहित कई तरह की मंजूरियों के लिए अलग-अलग विभागों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
जब स्टांप पेपर खरीद लेते है। इसके तुरंत बाद सीएलयू से संबंधित टीम गांव की भूमि का आकलन करेगी। वही, अगर हम वक्त की बात करें तो फिर इसमें अधिकतम 10 दिनों का वक्त लगेगा।
सीएलयू के बाद संबंधित भूमि पर उद्योग लगाने के लिए फायर सेफ्टी, प्रदूषण, फॉरेस्ट लैंड जैसी एनओसी भी जारी करते हुए हरे रंग के रंग पेपर पर ही मुहर लग जायेगी। इसके साथ ही उद्योगपति अपना उद्योग लगाने का कार्य शुरू कर सकेंगे।


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