Ankit Joshi : लोग हाई सैलेरी वाली जॉब की तलाश में रहते हैं। जब ऐसी जॉब मिल जाए तो लोग काफी मेहनत के साथ काम करते हैं। ऐसा इसलिए कि कहीं हाई सैलेरी वाली जॉब हाथ से न निकल जाए। पर एक शख्स ऐसा है, जिसने अपनी हाई सैलेरी वाली जॉब को खुशी खुशी छोड़ दिया। जी हां, ये हैं अंकित जोशी, जिन्होंने अपनी बेटी के जन्म से कुछ दिन पहले ही अपनी नौकरी छोड़ दी, जहां वे काफी हाई सैलेरी पा रहे थे।

खुशी-खुशी छोड़ी नौकरी
लोगों के लिए यह अंकित के करियर में ये एक सख्त कदम था, लेकिन खुद उनके लिए, यह पिता बनने के लिए एक प्रमोशन था। अंकित आईआईटी-खड़गपुर से ग्रेजुएट हैं। उन्होंने ह्यूमन्स ऑफ बॉम्बे को एक इंटरव्यू दिया है। इसी में उन्होंने अपने निर्णय के बारे में विस्तार से बताया है। अंकित के मुताबिक उन्होंने बेटी के जन्म से कुछ दिन पहले ही अपनी हाई सैलेरी वाली नौकरी छोड़ दी। वे कहते हैं कि उन्हें पता है कि यह एक अजीब फैसला रहा।
क्या थी उनकी कंपनी में पोस्ट
अंकित जोशी हौसर (Housr) नामक कंपनी में सीनियर वाइस प्रेसिडेंट के तौर पर काम कर रहे थे। उनकी नौकरी के दौरान उन्हें अक्सर ट्रेवल करने की जरूरत पड़ती थी। ये एक ऐसी चीज थी कि जो वह अपनी बेटी के जन्म के बाद करने को तैयार नहीं थे। उन्होंने अपनी बेटी का नाम स्पीति रखा है।

बेटी के साथ बिताना था समय
अंकित के मुताबकि उनकी बेटी के दुनिया में आने से पहले ही, उन्हें पता था कि वे अपना सारा समय उसी के साथ बिताना चाहते थे। वे सिर्फ सप्ताह भर के पैटरनिटी लीव से संतुष्ट नहीं होने वाले थे। वे कहते हैं कि उन्हें यह भी पता था कि जॉब छोड़ने का यह फैसला उनके लिए मुश्किल होने वाला है। उन्होंने कुछ महीने पहले ही सीनियर वाइस प्रेसिडेंट के तौर पर एक नयी जॉब शुरू की थी।
काम का भी लिया मजा
उनके काम ने उन्हें बोर नहीं कराया। बल्कि वे कहते हैं कि उनकी जॉब उन्हें अलग-अलग शहरों में ले गयी और उन्होंने इसका आनंद लिया। मगर वे अपनी बेटी के जन्म के बाद एक लंबा ब्रेक चाहते थे। वे ये जानते थे कि उनकी कंपनी उनके सप्ताह भर के पैटरनिटी लीव को आगे नहीं बढ़ा पाएगी। इसलिए जोशी ने अपने पद से इस्तीफा देने का विकल्प चुना। वे अपने इस फैसले को फादरहुड का प्रमोशन कहते हैं।

फ्यूचर के लिए उम्मीद
अपनी नौकरी छोड़ने के बाद से जोशी ने अपना समय स्पीति की देखभाल के लिए काफी हद तक समर्पित किया है। उन्होंने अपनी बेटी का नाम स्पिति इसलिए रखा क्योंकि उन्होंने और उनकी पत्नी ने स्पीति वैली की यात्रा के बाद फैसला किया कि वे अपनी बेटी का नाम इस शानदार जगह के नाम पर रखेंगे। जहां तक जॉब छोड़ने की बात है तो वे कहते हैं कि जो कदम उन्होंने उठाया है वह आसान नहीं है। बहुत से पुरुष इसे नहीं उठा सकते। लेकिन उन्हें उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में चीजें बदल जाएंगी क्योंकि पिछले 1 महीने में उन्होंने जो जीवन जीया है वह उनके सभी वर्षों की मेहनत से कहीं अधिक संतोषजनक है।


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