AHIDF से किसानों की आय दोगुनी करेगी, स्कीम की बढ़ाई गई डेडलाइन

AHIDF Extension: आपकी जानकारी के लिए बता दें कि केंद्र सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड के तहत एनिमल हसबेंडरी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड में पैसे इन्वेस्ट करती है। इस गवर्नमेंट के द्वारा 29610.25 करोड रुपए के आउटलेट के साथ अगले 3 साल तक जारी रखने की मंजूरी दी है। अगर आपको नहीं पता है तो बता दें कि इस योजना के तहत ब्रीड मल्टीप्लिकेशन फार्म, डेरी प्रोसेसिंग, मीट प्रोसेसिंग, पशु चारा प्लांट एनिमलवेस्ट वेल्थ मैनेजमेंट और एनिमल वैक्सीन के अलावा दवा बनाने जैसे कामों पर इन्वेस्टमेंट को बढ़ाने का काम किया जाता है।

सरकार द्वारा शुरू की गई एनिमल हसबेंडरी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड योजना के तहत प्राइवेट कंपनी, एफपीओ,एमएसएमई के अलावा कई और कंपनियों को लोन मिल सकता है।

Livestock

आपकी जानकारी के लिए बता देx कि इस योजना के तहत सरकार द्वारा लिस्टेड बैंक, राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम, एनडीडीबी और नाबार्ड के जरिए 90 प्रतिशत लोन के लिए आपको 2 साल की छूट मिलती है। यह लोन आपको 8 साल के लिए दिया जाता है और इस पर 3 प्रतिशत का ब्याज लगता है।

सरकार की इस योजना का फायदा डेरी कोऑपरेटिव सोसाइटी को भी मिल सकता है, जिससे वह अपने डेरी प्लांट को और ज्यादा बेहतर और आधुनिक बना सकते हैं।

इसके अलावा भारत सरकार के द्वारा एमएसएमई को टोटल लिए गए लोन के 25 प्रतिशत तक की क्रेडिट गारंटी मिलती है। आपको बताते चले की डेयरी सहकारी समितियों के लिए 750 करोड़ रुपए का क्रेडिट गारंटी फंड है।

गौरतलब है कि एनिमल हसबेंडरी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड की आने के बाद से 141.04 लाख लीटर दूध प्रतिदिन की मिल्क प्रोसेसिंग क्षमता बड़ी है। वहीं फीड प्रोसेसिंग कैपेसिटी 79.24 लाख मिट्रिक टन तक पहुंच गई है। अगर बात की जाए मीट के प्रोसेसिंग की तो यह 9.06 लाख मिट्रिक टन को सप्लाई चैन में जोड़ा है जिससे जबरदस्त असर पड़ा है।

मीडिया पर मौजूद आंकड़ों के मुताबिक यह एनिमल हसबैंडरी से जुड़े डेरी, मांस, पशु चारा जैसे क्षेत्रों में प्रोसेसिंग की क्षमता को 4 प्रतिशत तक बढ़ाने में मददगार माना जा रहा है।

सरकार के द्वारा इस योजना की अवधि को 3 साल पढ़ाई जाने से किसानों को जबर्दस्त फायदा मिल सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस योजना के अंतर्गत करीब 35 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा।

मीडिया पर मौजूद आंकड़ों के मुताबिक अब तक इस योजना से करीब 15 लाख किसानों को फायदा हुआ है। कुछ किसानों को इससे डायरेक्ट फायदा हुआ है, तो कुछ इससे अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित हुए हैं।

एक्सपर्ट्स के द्वारा माना जा रहा है कि इससे किसानों की आय लगभग दो गुना हो सकती है। इस योजना के जरिए प्रधानमंत्री के लक्ष्य को पूरा करने वाला बताया जा रहा है। प्रधानमंत्री का लक्ष्य इस योजना के जरिए किसानों की आय को लगभग दो गुणा करना, एनिमल हसबेंडरी सेक्टर में प्राइवेट सेक्टर इन्वेस्टमेंट को बढ़ावा देना, इसके अलावा बेहतर और लेटेस्ट टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से बेहतर प्रोसेसिंग और प्रोडक्ट की वैल्यू बढ़ानेसके साथ लाइव स्टॉक प्रोडक्ट के एक्सपोर्ट को बढ़ाना है।

आपको बता दे कि यह योजना एनिमल हसबेंडरी सेक्टर में इन्वेस्टमेंट को 7 गुना तक बढ़ा सकती है, इतना ही नहीं जैसे-जैसे किसानों को इसके बारे में पता चलेगा उनका इन्वेस्टमेंट भी इसमें बढ़ता जाएगा जिससे प्रोडक्टिविटी और किसानों की इनकम दोनों बेहतर हो सकती है।

भारत सरकार किसानों के लिए लगातार बेहतर विकल्प तलाश रही है। कल के बजट 2024 में भी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने किसानों के लिए कई घोषणा की है। इनमें मत्स्य पालन को बढ़ावा देना भी शामिल है। साथ ही डेरी उत्पादन को बढ़ाने के लिए भी कई घोषणाएं की गई है।

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