Reliance Power: अनिल अंबानी का किसी समय पर अरबपति की फेहरिस्त में शुमार हुआ करता था, लेकिन अब उनकी मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। मंगलवार को शेयर बाजार खुलते ही रिलायंस पावर में 5% का लोअर सर्किट लगा। पिछले तीन दिनों में शेयरों में 14% की गिरावट आई है। यह गिरावट सेबी के आदेश के बाद आई है, जिसने निवेशकों के भरोसे को काफी प्रभावित किया है।

सेबी के फैसले से पहले रिलायंस पावर के शेयरों में चार कारोबारी सत्रों में 21% की उछाल आई थी। यह उछाल बुटीबोरी थर्मल प्लांट के अधिग्रहण के संबंध में अडानी पावर के साथ संभावित बातचीत की खबरों के कारण हुआ था। इस अधिग्रहण का अनुमानित मूल्यांकन 2,400 करोड़ रुपए से 3,000 करोड़ रुपए के बीच है।
अनिल अंबानी के नेतृत्व वाली दूसरी कंपनियों पर प्रभाव
सेबी के आदेश का असर अनिल अंबानी की अगुआई वाली दूसरी कंपनियों पर भी पड़ा। रिलायंस होम फाइनेंस और रिलायंस कम्युनिकेशंस के शेयरों में 5% का निचला सर्किट लगा। वे 4.03 रुपए और 2.32 रुपए के इंट्राडे लो पर पहुंच गए। रिलायंस पावर के शेयर आज बीएसई पर 31.10 रुपए के इंट्राडे लो पर आ गए। शेयर की कीमत में लगातार गिरावट का कारण सेबी द्वारा अनिल अंबानी पर रिलायंस होम फाइनेंस से फंड की हेराफेरी के कारण प्रतिभूति बाजार से पांच साल के लिए प्रतिबंध लगाया जाना है।
रिलायंस पावर की प्रतिक्रिया
रविवार को रिलायंस पावर ने सेबी के आदेश पर एक बयान जारी किया। कंपनी ने स्पष्ट किया कि अनिल अंबानी ने उसके निदेशक मंडल से इस्तीफा दे दिया है और आश्वासन दिया है कि सेबी के फैसले से उसके परिचालन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। मंगलवार को शेयर बाजार में मजबूती के साथ शुरुआत होने के कारण निफ्टी 25,000 के स्तर पर बना रहा। हालांकि, रिलायंस पावर को लगातार तीसरे दिन लोअर सर्किट का सामना करना पड़ा, जिसके कारण आज शेयर में 5% की गिरावट आई।
मिंट की रिपोर्ट के अनुसार अदानी पावर, बुटीबोरी थर्मल प्लांट के अधिग्रहण के लिए रिलायंस पावर के एक हिस्से विदर्भ इंडस्ट्रीज पावर के साथ बातचीत कर रही है। इस सौदे की कीमत 4 करोड़ से 5 करोड़ रुपए प्रति मेगावाट के बीच होने की उम्मीद है।


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