नई दिल्ली, जून 21। एक दुनिया के सबसे अमीर व्यक्तियों में से एक रहे अनिल अंबानी की हालत आज काफी खराब है। उनके ग्रुप की कंपनियां कर्जे में डूबी हुई हैं। यहां तक कि 2-3 बार तो वे खुद भी इसी वजह से जेल तक जाने से बचे हैं। बीते कुछ सालों में उनकी कंपनियों की मार्केट कैपिटल भी काफी घटी है। इससे हुआ यह है कि बड़े निवेशकों ने रिलायंस ग्रुप की कंपनियों से दूरी बना ली। मगर बीते कुछ महीनों में उनकी कंपनियों के शेयरों की चाल बदली है। इससे अनिल अंबानी ग्रुप की कंपनियों की मार्केट वैल्यू भी बढ़ी है। बता दें कि उनके ग्रुप की तीन कंपनियों ने निवेशकों का पैसा तीन गुना तक कर दिया है। जानते हैं निवेशकों को किस कंपनी से सबसे अधिक मुनाफा हुआ।
रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर
रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर के शेयर का भाव बीते तीन महीनों में करीब तीन गुना हो गया है। तीन महीने पहले ये 36.2 रु पर था। आज का रेट 107.05 रु (दोपहर सवा 12 बजे तक) है। यानी इन तीन महीनों में कंपनी के शेयर ने करीब 196 फीसदी रिटर्न दिया और निवेशकों का पैसा लगभग तीन गुना कर दिया। इस समय कंपनी की मार्केट कैपिटल करीब 2,838 करोड़ रु है।
रिलायंस पावर
रिलायंस पावर का शेयर तीन महीने पहले 4.49 रु पर था। मगर आज ये 17.04 रु पर पहुंच गया है। यानी इस शेयर ने 3 महीनों में और भी तगड़ा रिटर्न दिया है। देखा जाए तो रिलायंस पावर के शेयर ने बीते तीन महीनों में 279.5 फीसदी का भारी भरकम रिटर्न दिया है। यदि 3 महीने पहले किसी के पास रिलायंस पावर के 1 लाख रु के शेयर हो तों उनकी वैल्यू आज की तारीख में 3.79 लाख रु हो गयी होगी।
रिलायंस कैपिटल
रिलायंस कैपिटल का शेयर तीन महीने पहले 11.56 रु पर था। मगर आज इस शेयर का रेट 27.47 रु पर है। यानी तीन महीनों में इस शेयर ने निवेशकों को 137.6 फीसदी मुनाफा कराया है। बता दें कि तीन महीनों में 137.6 फीसदी रिटर्न आपको किसी और निवेश ऑप्शन से नहीं मिल सकता। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अनिल अंबानी ग्रुप की कंपनियों (रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर, रिलायंस पावर और रिलायंस कैपिटल) की मार्केट कैपिटल पिछले 20 कारोबारी दिनों में दोगुने से अधिक हो गयी है।
क्यों आई तेजी
हाल ही में अनिल अंबानी ग्रुप की एक कंपनी ने फंड जुटाने के प्लान पेश किए हैं और साथ ही एक अन्य कंपनी को अपनी संपत्तियों के लिए 70 बोलियां प्राप्त हुई हैं। रिलायंस कैपिटल के सामान्य बीमा, स्वास्थ्य बीमा, जीवन बीमा और सिक्योरिटी बिजनेस को खरीदने के लिए कई कंपनियों ने रुचि दिखाई है। ये अनिल अंबानी ग्रुप की कंपनियों के लिए भी बेहतर है।
रिलायंस कैपिटल नहीं चुका पाई पैसा
इससे पहले अप्रैल में अनिल अंबानी की रिलायंस कैपिटल गैर-परिवर्तनीय डिबेंचर (एनसीडी) के लिए ब्याज भुगतान करने में नाकामयाब रही थी। इस बात की जानकारी कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंजों को दी गयी थी। कंपनी ने यह भी बताया था कि कानूनी अड़चनों के कारण अपनी संपत्तियां न बेच पाने के चलते इसके पास पैसों का इंतजाम नहीं है। नतीजे में ये बॉन्डधारकों को पेमेंट नहीं कर सकी।


Click it and Unblock the Notifications