नयी दिल्ली। अनिल अंबानी को सुप्रीम कोर्ट ने राहत दी है। अदालत ने केंद्र सरकार को रिलायंस कम्युनिकेशंस को 104 करोड़ रुपये का रिफंड करने को कहा है। दिसंबर 2018 में दूरसंचार विवाद निपटान और अपीलीय न्यायाधिकरण या टीडीसैट ने स्पेक्ट्रम के लिए बैंक गारंटी के बैलेंस के रूप में अनिल अंबानी के नेतृत्व वाले रिलायंस समूह की तत्कालीन टेलीकॉम इकाई को रिफंड का आदेश दिया था। टीडीसैट के इस फैसले के खिलाफ सरकार ने अदालत का रुख किया था। मगर अब जस्टिस रोहिंटन नरीमन की अध्यक्षता वाली दो न्यायाधीशों की बेंच ने केंद्र सरकार की इस याचिका को खारिज कर दिया। बेंच ने कहा कि हमें अपील में कोई योग्य बात नहीं मिली। बता दें कि रिलायंस कम्युनिकेशंस या आरकॉम पिछले साल दिवालिया प्रक्रिया में आ गयी थी।

क्या है पूरा मामला
जानकारी के लिए बता दें कि आरकॉम का यह पैसा बतौर बैंक गारंटी सरकार के पास पहले से जमा है। टीडीसैट ने केंद्र सरकार को 2013 और 2015 स्पेक्ट्रम नीलामी के लिए 774 करोड़ रुपये के विलम्बित शुल्क पर 908 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी में से ये राशि लेकर बाकी 104 करोड़ रुपये लौटाने का निर्देश दिया था। इसी फैसले को सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। आरकॉम चाहती थी कि अतिरिक्त धनराशि को बैंक गारंटी के बाद वापस कर दिया जाए, मगर दूरसंचार विभाग ने इसे कंपनी की बाकी देनदारियों के लिए बफर के रूप में रख लिया। इसमें से दूरसंचार विभाग पहले ही 30.33 करोड़ रुपये एडजस्ट कर चुका है।
दिवालिया हो रही है आरकॉम
गौरतलब है कि आरकॉम तीन साल पहले ही कारोबार बंद कर चुकी है। इसके पीछे कारण कारोबार में काफी घाटा और कर्ज का बढ़ना है। इस समय आरकॉम दिवालिया प्रक्रिया से गुजर रही है। आरकॉम ने रिलायंस जियो को स्पेक्ट्रम बेच कर दिवालिया होने से बचने की कोशिश की थी, लेकिन लंबी कानूनी प्रक्रिया और सरकार की ओर से मंजूरी में देरी की वजह से बात नहीं बन पाई।
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