For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS  
For Daily Alerts

Anil Agarwal : बिहार से लंदन तक का सफर, नहीं आती थी अंग्रेजी, पर बने 230 करोड़ डॉलर के मालिक

|

नई दिल्ली, सितंबर 20। इस समय सेमीकंडक्टर चिपसेट की कमी से वैश्विक स्तर पर चल रही है। इससे इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटोमोबाइल उद्योग को नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। इसी को देखते हुए वेदांता और फॉक्सकॉन गुजरात में सेमीकंडक्टर परियोजना स्थापित करने जा रही हैं। ये मिल कर डिस्प्ले एफएबी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाएंगी। इसके लिए इन्होंने गुजरात सरकार के साथ समझौता किया है। वेदांता की तरफ से इस परियोजना में 1,54,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। वेदांता के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने ट्वीट के जरिए हाल ही में इस डील की जानकारी दी। पर अनिल अग्रवाल, जिन्हें अंग्रेजी नहीं आती थी, वेदांता जैसी कंपनी कैसे खड़ी कर पाए। यहां हम आपको उन्हीं की सक्सेस स्टोरी बताएंगे।

 

Success Story : पहले थी किराने की दुकान, एक आइडिया आया और बना ली 1000 करोड़ रु कंपनीSuccess Story : पहले थी किराने की दुकान, एक आइडिया आया और बना ली 1000 करोड़ रु कंपनी

बिहार से लंदन का सफर

बिहार से लंदन का सफर

अनिल बिहार के रहने वाले हैं। आज वे दिग्गज कंपनी वेदांता के चेयरमैन हैं। उन्हें एक समय अंग्रेजी में सिर्फ यस और नो बोलना आता था। पर वे अपनी काबिलित के दम पर ब्रिटेन तक पहुंचे और वहां अपने कारोबार का डंका बजाया। एक रिपोर्ट के अनुसार अनिल अग्रवाल के मुताबिक 2003 में वेदांता को लंदन स्टॉक एक्सचेंज में लिस्ट कराया। वे ऐसा करने वाले पहले भारतीय बने।

15 साल की उम्र में ही स्कूल छोड़ा
 

15 साल की उम्र में ही स्कूल छोड़ा

अनिल का जन्म बिहार की राजधानी पटना में हुआ। वहीं पर वे पले-बढ़े। वह अपने पिता के बिजनेस को आगे बढ़ाना चाहते थे। इसके लिए उनहोंने 15 साल की उम्र में ही स्कूल छोड़ दिया। इस आयु में वे पुणे गए और फिर मुंबई पुहंचे। करियर स्क्रैप डीलर के तौर पर करियर की शुरुआत करने वाले अनिल ने मेटल और तेल और गैस कारोबार में एंट्री की।

शैमशर स्टेर्लिंग कॉर्पोरेशन को खरीदा

शैमशर स्टेर्लिंग कॉर्पोरेशन को खरीदा

1970 में स्क्रैप मेटल का काम शुरू करने के बाद 1976 में अनिल ने शैमशर स्टेर्लिंग कॉर्पोरेशन को खरीदा। तब लंदन स्टॉक एक्सचेंज वैश्विक कंपनियों को लिस्ट होने की अनुमति दे रहा था। इसीलिए वे लंदन चले गए। मज की बात यह है लंदन जाते हुए भी उन्होंने ज्यादा पैंकिंग नहीं की। पर जब वे लंदन के हीथ्रो हवाई अड्डे पर उतरे तो उन्हें डर महसूस हुआ। क्योंकि वहां का माहौल एक दम अलग था।

बने 230 करोड़ डॉलर के मालिक

बने 230 करोड़ डॉलर के मालिक

पर अनिल को कामयाबी मिली और आज वे 230 करोड़ डॉलर के मालिक हैं। वेदांता लिमिटेड एक भारतीय बहुराष्ट्रीय खनन कंपनी है जिसका मुख्यालय मुंबई, भारत में है, जिसका मुख्य परिचालन गोवा, कर्नाटक, राजस्थान और ओडिशा में लौह अयस्क, सोना और एल्यूमीनियम खानों में है।

वेदांता रिसोर्सेज लिमिटेड के संस्थापक

वेदांता रिसोर्सेज लिमिटेड के संस्थापक

अनिल अग्रवाल वेदांता रिसोर्सेज लिमिटेड के संस्थापक और अध्यक्ष हैं। वे वोल्कन इन्वेस्टमेंट्स के माध्यम से वेदांता रिसोर्सेज को नियंत्रित करते हैं, जो बिजनेस में 100% हिस्सेदारी के साथ एक होल्डिंग व्हीकल है। वेदांत रिसोर्सेज, जिसका मुख्यालय लंदन में है, विश्व स्तर पर विविध प्राकृतिक संसाधनों का समूह है, जिसमें जस्ता, सीसा, चांदी, तांबा, लौह अयस्क, एल्यूमीनियम, बिजली उत्पादन और तेल और गैस में रुचि है। हालाँकि, इसकी संपत्ति का सबसे बड़ा हिस्सा भारत में है। वैसे अग्रवाल लंदन में रहते हैं। अक्टूबर 2017 में, यह घोषणा की गई थी कि अग्रवाल की वोल्कन होल्डिंग्स पीएलसी ने खनन कंपनी एंग्लो अमेरिकन में 19% हिस्सेदारी ली थी, जिससे वह कंपनी का सबसे बड़ा शेयरधारक बन गये।

English summary

Anil Agarwal did not know English but became the owner of 230 crore dollar

Anil was born in Patna, the capital of Bihar. There he grew up. He wanted to further his father's business. For this he left school at the age of 15.
Story first published: Tuesday, September 20, 2022, 12:55 [IST]
Company Search
Thousands of Goodreturn readers receive our evening newsletter.
Have you subscribed?
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X