Anand Mahindra on World Crisis: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से नौकरियां छीने जाने की आशंकाओं के बीच महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने एक बड़े संकट की चेतावनी दी है जो हमारे सामने आ रहा है। आनंद महिंद्रा ने कहा कि जहां लोग एआई के सफेदपोश (वाइट-कॉलर) नौकरियों के खत्म होने की चिंता में व्यस्त हैं, वहीं एक कहीं बड़े संकट की अनदेखी की जा रही है।

आनंद महिंद्रा ने क्या कहा?
आनंद महिंद्रा ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि जहां लोग एआई से नौकरियों के खत्म होने की चिंता में व्यस्त हैं, वहीं एक कहीं बड़े संकट की अनदेखी की जा रही है। वह है स्कील ट्रेड की कमी। उन्होंने फोर्ड के CEO जिम फॉर्ले के एक पॉडकास्ट का हवाला दिया। हाल ही में फोर्ड के CEO ने कहा था कि कंपनी में 120,000 डॉलर प्रति वर्ष वेतन वाली मैकेनिक की नौकरियों के लिए कोई खरीदार नहीं है।
इसपर आनंद महिंद्रा ने कहा कि फोर्ड के CEO जिम फॉर्ले ने हाल ही में एक पॉडकास्ट में एक चौंकाने वाला खुलासा किया। फोर्ड में 5,000 मैकेनिक की नौकरियां खाली हैं, जिनमें से कई 120,000 डॉलर प्रति वर्ष वेतन देती हैं, और फिर भी कोई नौकरी करने वाला नहीं है। पूरे अमेरिका में, प्लंबिंग, इलेक्ट्रिकल काम, ट्रकिंग और फैक्टरी संचालन में दस लाख से ज्यादा जरूरी पद खाली हैं।
AI इन नौकरियों की जगह नहीं ले सकता!
महिंद्रा समूह के अध्यक्ष ने तर्क दिया कि डेस्क जॉब्स तो बदली जा सकती हैं। लेकिन AI वास्तविक दुनिया के कौशल की आवश्यकता वाले काम को छीना नहीं जा सकता। आनंद महिंद्रा ने कहा कि दशकों से, हमने डिग्रियों और डेस्क जॉब्स को आकांक्षा की सीढ़ी को टॉप पर कर दिया और कुशल व्यवसायों को चुपचाप नीचे धकेल दिया। फिर भी, ये ऐसी नौकरियां हैं जिनकी जगह एआई नहीं ले सकता।
Ford के CEO का खुलासा
फोर्ड मोटर कंपनी के सीईओ जिम फॉर्ले ने अमेरिका के श्रम भविष्य के बारे में अब तक की सबसे कड़ी चेतावनी जारी की है। उन्होंने खुलासा किया है कि कंपनी लगभग 1,20,000 डॉलर के वेतन की पेशकश के बावजूद 5,000 कुशल-मैकेनिक पदों को भरने के लिए संघर्ष कर रही है। इसे देश के लिए एक "गंभीर समस्य" बताते हुए फॉर्ले ने कहा कि प्रशिक्षित श्रमिकों (ट्रेंड वर्कर) की कमी अब केवल उद्योग का मुद्दा नहीं रह गई है। यह एक राष्ट्रीय संकट है जो विनिर्माण, आपातकालीन सेवाओं और अमेरिकी अर्थव्यवस्था को चलाने वाले बिजनेस के लिए खतरा है।
अमेरिका में इतने पद खाली
बिजनेस एडिशन पॉडकास्ट में Ford के CEO ने बताया कि पूरे अमेरिका में, दस लाख से ज्यादा कुशल-व्यापार (Skilled trades) और शारीरिक श्रम (manual labor) के पद खाली हैं, जिनमें आपातकालीन प्रतिक्रिया, ट्रकिंग, प्लंबिंग, विद्युत काम, विनिर्माण और फैक्टरी संचालन से संबंधित नौकरियां शामिल हैं। इनमें से कई नौकरियां अमेरिकी उद्योग की रीढ़ हैं।
अगस्त तक, देश भर में 4,00,000 से ज्यादा मैन्यूफैक्चुरिंग नौकरियां मौजूद थीं, जबकि बेरोजगारी दर बढ़कर 4.3% हो गई थी। यह इस बात का संकेत है कि श्रम अंतराल नौकरियों की कमी के कारण नहीं, बल्कि प्रशिक्षित श्रमिकों की सप्लाई में भारी गिरावट के कारण है।
डेलोइट और द मैन्युफैक्चरिंग इंस्टीट्यूट के एक अध्ययन के अनुसार, 2030 तक अमेरिका में 2.1 मिलियन विनिर्माण नौकरियां खाली होंगी। इन लुप्त नौकरियों की लागत तब तक संभावित रूप से कुल 1 ट्रिलियन डॉलर हो सकती है।
AI ने होंगे रियल वर्ल्ड के हीरो
आनंद महिंद्रा ने अपनी पोस्ट में कहा कि यह भविष्य नहीं है। यह अभी हो रहा है। तो, असली सवाल यह है- क्या हम उस करियर में बदलाव देखने वाले हैं जिसे एक ड्रिम करियर माना जाता है? अगर यह सिलसिला जारी रहा, तो AI युग के सबसे बड़े विजेता वे लोग होंगे जो वास्तव में दुनिया का निर्माण, सुधार और संचालन कर सकते हैं।


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