Amway India की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 4000 हजार करो़ड़ रु से अधिक की मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में हैदराबाद की स्पेशल कोर्ट में कंपनी के खिलाफ शिकायत दर्ज करा दी है।
मीडिया रिपोर्टस् के अनुसार, अभी भी इस मामले की जांच जारी है। इस मामले में अब तक कई सारे बड़े खुलासे किए गए हैं। कोर्ट की तरफ से इस मामले पर संज्ञान लेते हुए 20 नवंबर को ही कानूनी कार्रवाई के आदेश दिए हैं तो फिर आइए जानते हैं इसके बारे में।

बिजनेस टुडे की एक खबर के अनुसार, सोमवार को ईडी की तरफ से कहा गया है कि उसने एमवे इंडिया के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 (पीएमएलए) के तहत अभियोजन शिकायत दर्ज कराई है।
सोमवार को यह शिकायत दर्ज कराई गई और मेट्रोपॉलिटन सत्र न्यायाधीश सह विशेष न्यायालय ने इस पर उसी दिन मामले का संज्ञान ले लिया। मीडिया रिपोर्टस् के अनुसार, ईडी ने अपनी शिकायत में बेस के रूप में तेलंगाना पुलिस द्वारा डायरेक्ट सेलिंग फर्म एमवे इंडिया और उसके निदेशकों के खिलाफ दर्ज एफआईआर को शामिल किया है।
ईडी के आरोपों से यह पता चलता है कि डायरेक्ट सेलिंग फर्म एमवे इंडिया अपने प्रोडक्ट की बिक्री की आड़ में एक अवैध 'मनी सर्कुलेशन स्कीम' को बढ़ावा देने में लगी हुई है।
शिकायत में ये भी कहा गया है कि डायरेक्ट सेलिंग फर्म एमवे इंडिया आम नागरिक अपने साथ जोड़कर उन्हें को नए सदस्यों को जोड़ने के लिए काफी ज्यादा कमीशन या इंसेंटिव देने का वादा करती है और यह दावा करके धोखा दिया जा रहा है।
प्रवर्तन निदेशालय के जांच में सामने आए निष्कर्षों के मुताबिक, एमवे अंतिम उपभोक्ता को डारेक्ट सामान बेचने के बजाय, वितरकों के रूप में कई मध्यस्थों के साथ एक मल्टी लेवल मार्केटिंग योजना चला रही है।
निदेशालय के अनुसार, एमवे की यह योजना एक पिरामिड योजना है जिसके माध्यम से ऊपर वालों को काफी फायदा मिल रहा था।
ईडी की जांच में कंपनी की तरफ से बड़ धोखाधड़ी उजागर हुई है। इसमें पाया गया है कि एमवे ने इस 'मनी सर्कुलेशन स्कीम' के जरिए लगभग 4,050.21 करोड़ रु कमाए हैं साथ ही डायरेक्ट सेलिंग फर्म एमवे इंडिया की ओर से इस कमाई में से एक बड़ा हिस्सा विदेशों में भेजा गया है।
ईडी के अनुसार, कंपनी ने 2 हजार 859 करोड़ रु को विदेश में बैठे डायरेक्टर्स के अकाउंट में ट्रांसफर की है। इस मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में ईडी ने कंपनी की 757.77 करोड़ रु की चल ओर अचल संपत्ति को भी जोड़ा है।
आरोपों पर एमवे ने दी ये सफाई
मीडिया रिपोर्टस् के अनुसार, ईडी द्वारा की जा रही कार्रवाई के बाद एमवे ने एक स्टेटमेंट जारी किया है। इसमें सफाई देते हुए कहा गया है कि यह मामला वर्ष 2011 की शिकायत से जुड़ा हुआ है।
जारी स्टेटमेंट में कहा कि इस मामले में हम ईडी का पूरा सहयोग कर रहे हैं। कंपनी ने कहा कि कंपनी पिछले 25 साल से देश में अपना बिजनेस कर रही है और ईडी द्वारा इस मामले में मांगी गई सभी जानकारी को शेयर कर रही है।
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