अब आपकी सुबह की चाय और दूध का गिलास महंगा होने वाला है। देश की दो बड़ी डेयरी कंपनियों, अमूल (Amul) और मदर डेयरी (Mother Dairy) ने दूध की कीमतों में 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी है। नई दरें 14 मई, 2026 से लागू हो गई हैं। पिछले 13 महीनों में यह दूसरी बार है जब इन दोनों डेयरी दिग्गजों ने दाम बढ़ाए हैं, जिसका सीधा असर आम आदमी की रसोई के बजट पर पड़ने वाला है।
अमूल दूध के दाम बढ़े: जानें अब किस वेरिएंट के लिए देने होंगे कितने पैसे
अमूल ने अपने मुख्य वेरिएंट्स पर 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की घोषणा की है, जिसका मतलब है कि 500 मिलीलीटर (आधा लीटर) के पैकेट पर अब 1 रुपये ज्यादा खर्च करने होंगे। यह बढ़ोत्तरी गोल्ड, ताज़ा, गाय का दूध, भैंस का दूध, स्लिम एंड ट्रिम, टी-स्पेशल और स्टैंडर्ड मिल्क पर लागू होगी। अब आधा लीटर अमूल ताज़ा 28 रुपये की जगह 29 रुपये में मिलेगा, वहीं गोल्ड के दाम 34 रुपये से बढ़कर 35 रुपये हो गए हैं। गाय का दूध 30 रुपये और भैंस का दूध 39 रुपये (500 मिली) की नई कीमत पर मिलेगा।

मदर डेयरी भी हुई महंगी: दिल्ली-NCR के ग्राहकों पर पड़ेगा असर
दिल्ली-एनसीआर के लिए जारी नई दरों के मुताबिक, टोकन वाला दूध (बल्क वेंडेड) अब 56 रुपये की जगह 58 रुपये प्रति लीटर मिलेगा। फुल क्रीम दूध की कीमत 70 रुपये से बढ़कर 72 रुपये, टोंड मिल्क 58 से 60 रुपये और डबल टोंड मिल्क 52 से बढ़कर 54 रुपये प्रति लीटर हो गया है। वहीं, गाय का दूध अब 60 रुपये की जगह 62 रुपये प्रति लीटर मिलेगा। ये नई कीमतें दिल्ली-एनसीआर के साथ-साथ उत्तर प्रदेश, हरियाणा और उत्तराखंड के बाजारों में भी प्रभावी होंगी।
| दूध का प्रकार (Milk Variant) | पुरानी कीमत (रुपये/लीटर) | नई कीमत (रुपये/लीटर) |
|---|---|---|
| मदर डेयरी फुल क्रीम | 70 | 72 |
| मदर डेयरी टोंड मिल्क | 58 | 60 |
| मदर डेयरी गाय का दूध | 60 | 62 |
| मदर डेयरी टोकन मिल्क | 56 | 58 |
| मदर डेयरी डबल-टोंड | 52 | 54 |
| अमूल ताज़ा (1 लीटर) | ~56 | ~58 |
| अमूल गोल्ड (1 लीटर) | ~68 | ~70 |
| अमूल भैंस का दूध (1 लीटर) | 76 | 80 |
आखिर क्यों बढ़ाए गए दूध के दाम?
कीमतों में इस इजाफे की वजह बताते हुए GCMMF (अमूल) ने कहा कि दूध के उत्पादन और ऑपरेशनल खर्चों में काफी बढ़ोतरी हुई है। कंपनी के मुताबिक, पिछले एक साल में पशु आहार (कैटल फीड), पैकेजिंग और ईंधन की कीमतों में बड़ा उछाल आया है। इसके अलावा, सहकारी संस्था ने किसानों को दिए जाने वाले दूध खरीद मूल्य (प्रोक्योरमेंट प्राइस) में भी 30 रुपये प्रति किलो फैट की बढ़ोतरी की है, जो मई 2025 के मुकाबले 3.7 प्रतिशत ज्यादा है।
वहीं, मदर डेयरी का कहना है कि पिछले एक साल में किसानों से दूध खरीदने की लागत करीब 6 प्रतिशत बढ़ गई है, जिसके चलते कीमतों में बदलाव करना जरूरी हो गया था। कंपनी ने स्पष्ट किया कि वे बढ़ी हुई लागत का केवल एक हिस्सा ही ग्राहकों पर डाल रहे हैं। मदर डेयरी अपनी कुल कमाई का करीब 75 से 80 प्रतिशत हिस्सा किसानों के कल्याण और दूध की खरीद पर खर्च करती है ताकि उनकी आजीविका बनी रहे।
महंगाई की मार: बजट और थाली पर क्या होगा असर?
देश की दो सबसे बड़ी डेयरी कंपनियों द्वारा दाम बढ़ाए जाने से खाद्य मुद्रास्फीति (Food Inflation) और बढ़ सकती है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण पहले ही खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़े हुए हैं। अप्रैल में फूड इन्फ्लेशन 4 प्रतिशत के पार पहुंच गई थी, और अब दूध महंगा होने से आम आदमी की जेब पर बोझ और बढ़ेगा। हालांकि, कंपनियों का दावा है कि 2.5 से 3.5 प्रतिशत की यह बढ़ोत्तरी औसत फूड इन्फ्लेशन रेट से कम ही है।
दूध की कीमतों में इस बदलाव से उन घरों का मासिक बजट बिगड़ना तय है जहां रोजाना पैकेट बंद दूध का इस्तेमाल होता है। इसके अलावा, दूध महंगा होने का 'रिपल इफेक्ट' चाय की दुकानों, होटलों, मिठाई की दुकानों और अन्य डेयरी उत्पादों पर भी दिखेगा। जानकारों का मानना है कि अमूल और मदर डेयरी के इस कदम के बाद अब अन्य क्षेत्रीय डेयरी कंपनियां भी जल्द ही अपने दाम बढ़ा सकती हैं।
कितनी ताकतवर हैं ये डेयरी कंपनियां?
GCMMF दुनिया की सबसे बड़ी किसान-स्वामित्व वाली डेयरी सहकारी संस्था है, जिससे 36 लाख किसान जुड़े हैं। यह रोजाना 3 करोड़ लीटर से ज्यादा दूध इकट्ठा करती है और सालाना अमूल उत्पादों के 24 अरब से ज्यादा पैक बेचती है। साल 2025-26 में अमूल ब्रांड का कुल टर्नओवर 11 प्रतिशत बढ़कर 1 लाख करोड़ रुपये के ऐतिहासिक आंकड़े को पार कर गया है। वहीं, मदर डेयरी ने भी पिछले वित्त वर्ष में 17 प्रतिशत की ग्रोथ के साथ 20,300 करोड़ रुपये का टर्नओवर हासिल किया है।
GCMMF के मुताबिक, "अमूल की नीति है कि ग्राहकों से मिलने वाले हर 1 रुपये में से करीब 80 पैसे सीधे दूध उत्पादकों के पास जाएं।" कीमतों में इस बदलाव से किसानों को दूध का सही दाम मिल सकेगा और वे उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रेरित होंगे। भले ही प्रति कप चाय पर यह बढ़ोत्तरी मामूली लगे, लेकिन करोड़ों परिवारों के लिए यह महंगाई के मोर्चे पर एक बड़ा झटका है।


Click it and Unblock the Notifications