नयी दिल्ली। भारत और चीन के बीच में सीमा पर तनाव बरकरार है। मगर तनाव के बावजूद चीन ने भारत को हजारों करोड़ रु का लोन दिया है। बीजिंग स्थित एशियन इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (एआईआईबी) ने भारत को 75 करोड़ डॉलर (लगभग 5,714 करोड़ रुपये) के लोन को मंजूरी दी है। ये लोन सरकार को गरीब और कमजोर परिवारों के लिए कोरोना के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करने में मदद करने के लिए दिया गया है। एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) के सहयोग से दिया जाने वाला लोन अनौपचारिक सेक्टर सहित व्यवसायों की मदद, जरूरतमंदों के लिए सामाजिक सुरक्षा बढ़ाने और देश के हेल्थ केयर सिस्टम को मजबूत बनाने में मदद करेगा।

गरीबों पर पड़ सकता है असर
एआईआईबी ने कहा है कि आर्थिक गतिविधियों में अड़चन से गरीब परिवारों पर असर पड़ने का खतरा है, विशेषकर महिलाओं को, जिनमें से कई अनौपचारिक क्षेत्र में कार्यरत हैं। एआईआईबी के उपाध्यक्ष, निवेश संचालन, डीजे पांडियन के अनुसार दुनिया के कई निम्न और मध्यम-आय वाले देश अभी भी स्वास्थ्य संकट के शुरुआती दौर में हैं, लेकिन इस महामारी के प्रभाव को पहले से ही महसूस कर रहे हैं। इससे भारत में भी उन लाखों लोगों को भारी खतरा है, जो हाल ही में गरीबी से निकले हैं।
एआईआईबी का भारत को टोटल लोन
एआईआईबी ने भारत को कुल 3.06 अरब डॉलर के लोन को मंजूरी दी है। इसमें हाल ही में 50 करोड़ डॉलर की कोरोनावायरस इमरजेंसी रेस्पोंस राशि शामिल है। ताजा लोन एआईआईबी के कोविड-19 संकट रिकवरी सुविधा (CRF) के तहत भारत के लिए दूसरी आर्थिक सहायता होगी। इस बीच भारत में कोरोनावायरस संक्रमितों की संख्या में लगातार इजाफा देखने को मिल रहा है। बुधवार को सामने आए आंकड़ों के अनुसार मरीजों की संख्या बढ़कर 3.50 लाख से अधिक हो गई है। कोरोना वायरस से अभी तक करीब 12,000 लोगों की मौत हुई है।
भारत-चीन सीमा तनाव
उधर पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ हिंसक झड़प में 20 भारतीय जवान शहीद हो गए। हालांकि ताजा रिपोर्ट्स के अनुसार दोनों देशों के बीच शांति स्थापित करने की कोशिशें जारी हैं। इस कड़ी में चीनी विदेश मंत्रालय के हवाले से न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने कहा कि चीन ने भारत के साथ सीमा विवाद का मुद्दा निष्पक्ष तरीके से सुलझाने पर जाहिर की है।


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