नयी दिल्ली। अमेजन और फ्लिपकार्ट दोनों ई-कॉमर्स कंपनियों ने सरकार से अनुरोध किया है कि उन्हें लॉकडाउन में गैर-जरूरी सामानों की बिक्री की अनुमति दी जाए। इन कंपनियों की दलील है कि इस लंबे में लोगों को ऐसे उत्पादों की आवश्यकता होगी। ई-कॉमर्स कंपनियों ने सोशल डिस्टेंसिंग सुनिश्चित करते हुए इन सामानों को सुरक्षा के साथ डिलीवर करने का वादा किया है। लॉकडाउन की घोषणा के बाद से ही ई-कॉमर्स प्लेटफार्म पर गैर-जरूरी सामानों की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। अमेजन इंडिया ने अनुरोध किया है कि ई-कॉमर्स को कोरोना महामारी के खिलाफ संयुक्त लड़ाई में अपनी भूमिका निभाने की इजाजत मिलनी चाहिए। अमेजन का दावा है कि सभी सामान बेचने देने से हजारों छोटे कारोबारियों को अपनी आजीविका चलाने में मदद मिलेगी।
ई-कॉमर्स है सबसे सुरक्षित प्लेटफॉर्म
हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक अमजेन इंडिया का कहना है कि सोशल डिस्टेंसिंग सुनिश्चित करते हुए नागरिकों की जरूरतों को पूरा करने के लिए विक्रेताओं / खुदरा विक्रेताओं के लिए सबसे सुरक्षित तरीका ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म ही प्रदान करता है। कंपनी के मुताबिक हम नागरिकों को सुरक्षित रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं और सरकार से अनुरोध करते हैं कि ई-कॉमर्स को महामारी के खिलाफ संयुक्त लड़ाई में अपनी भूमिका निभाने में सक्षम किया जाए ताकि सभी सामानों की आपूर्ति की अनुमति लोगों को लंबे समय तक मिल सके।
एमएसएमई का बोझ हो सकता है कम
वहीं फ्लिपकार्ट का दावा है कि ई-कॉमर्स एमएसएमई के बढ़े हुए स्टॉक को निपटा कर उन पर दबाव कम करने में भी मदद कर सकता है। साथ ही ग्राहकों तक सुरक्षित तरीके से सामानों की डिलिवरी कर सकता है। मौजूदा नियमों के मुताबिक लॉकडाउन में केवल जरूरी सामान जैसे भोजन, चिकित्सा उपकरण, दवा आदि को ही इन ई-टेलर्स के माध्यम से डिलीवरी करने की अनुमति दी गई है। इतना ही नहीं आवश्यक सामानों की आपूर्ति के लिए भी डिलिवरी एजेंटों को राज्य सरकारों की अनुमति लेनी होती है। गृह मंत्रालय के ताजा बयान के अनुसार ई-कॉमर्स कंपनियों को सिर्फ जरूरी वस्तुओं की बिक्री की ही इजाजत होगी।
पहले दे दी गई थी मंजूरी
कुछ दिन पहले सरकार की तरफ से ई-कॉमर्स कंपनियों को 20 अप्रैल से मोबाइल फोन, रेफ्रिजरेटर, कपड़े, टेलीविजन सेट और लैपटॉप जैसी गैर-जरूरी चीजों की बिक्री की इजाजत दे दी गई थी। मगर फिर गृह मंत्रालय ने ई-कॉमर्स कंपनियों को झटका दिया। गृह मंत्रालय ने साफ किया है कि ई-कॉमर्स कंपनियां को लॉकडाउन के दौरान सिर्फ जरूरी सामानों की आपूर्ति करने की ही होगी। यानी गैर-जरूरी सामानों की बिक्री करने की इजाजत ई-कॉमर्स कंपनियों को लॉकडाउन के बाद ही मिलेगी। अधिकांश ई-कॉमर्स कंपनियों को लॉकडाउन की घोषणा के बाद से दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लॉकडाउन 3 मई तक लागू है और ऐसी संभावना है कि इसे आगे बढ़ाया जाएगा।


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