नई दिल्ली, मार्च 15। अमेजन का दो भारतीय रिटेलर्स (रिलायंस और फ्यूचर) के साथ विवाद और बढ़ गया है। अमेजन ने मंगलवार को भारतीय समाचार पत्रों में विज्ञापनों देकर इन दोनों कंपनियों पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया है। ये आरोप ऐसे समय पर लगाया गया है जब रिलायंस इंडस्ट्रीज ने अचानक फ्यूचर रिटेल के कई स्टोर का अधिग्रहण कर लिया है। अमेजन फ्यूचर ग्रुप की रिटेल एसेट्स रिलायंस को बेचने का विरोध कर रही है। ये डील 3.4 बिलियन डॉलर की है। इसे पहली बार 2020 में घोषित किया गया था, और यह मामला वर्तमान में भारतीय सर्वोच्च न्यायालय के सामने है।

अमेजन का पब्लिक नोटिस
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार मंगलवार को प्रमुख भारतीय समाचार पत्रों में "पब्लिक नोटिस" शीर्षक वाले विज्ञापनों में, अमेजन ने कहा है कि इन कार्यों को भारत में संवैधानिक अदालतों से धोखाधड़ी करके एक गुप्त तरीके से किया गया है। रिलायंस, भारत का सबसे बड़ा समूह और देश के सबसे अमीर व्यक्ति मुकेश अंबानी द्वारा संचालित रिटेलर, ने फ्यूचर ग्रुप की रियल एस्टेट संपत्ति पर फरवरी 25 को चुपचाप अधिग्रहण करना शुरू कर दिया। इसके कर्मचारियों को फ्यूचर के कई सबसे बड़े स्टोर पर देखा गया।
चल रही है वार्ता
अमेजन ने अखबारों में ऐसे समय पर विज्ञापन दिया है, जब 3 मार्च को इसने बातचीत करने की पेशकश की। चल रही बातचीत ने उम्मीद जगाई कि विवाद को सुलझाया जा सकता है। फ्यूचर ने इस महीने कहा था कि वह अपनी संकटपूर्ण वित्तीय स्थिति को देखते हुए कई आउटलेट्स पर किराए का भुगतान नहीं कर सकी और रिलायंस, जिसने इसकी कई लीज वाली जगहों को अधिग्रहित कर लिया, ने इसे टर्मिनेशन नोटिस जारी किया था।
क्या है विज्ञापनों का मकसद
रिपोर्ट में सूत्र के हवाले से कहा गया है कि अमेजन की चिंता रिलायंस का फ्यूचर स्टोर्स का अधिग्रहण जारी रखना है। अखबार के विज्ञापनों का उद्देश्य फ्यूचर के ऋणदाताओं सहित सभी हितधारकों को सचेत करना था कि रिलायंस को संपत्ति का हस्तांतरण कानूनी रूप से प्रतिबंधित है।


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