
Most Gold Buying Countries : भारतीयों के लिए सोना सिर्फ एक मेटल नहीं है बल्कि इमोशन हैं। भारतीयों के अलावा अन्य देशों के लिए भी कुछ ऐसा ही है। शायद यही कारण है कि इस फैक्ट के बावजूद कि अब तक खनन किए गए सोने का केवल 10 प्रतिशत ही औद्योगिक तौर पर इस्तेमाल में लाया गया है, किसी को भी सोना खरीदने का पछतावा नहीं होता। 2022 में कई देशों ने भी गोल्ड की जमकर खरीदारी की। इनमें भारत भी शामिल है। आगे जानिए इन देशों की लिस्ट।
कई काम आता है गोल्ड
सोने को केवल ज्वेलरी ही नहीं, बल्कि कई फैक्टर्स के लिहाज से भी अहम माना जाता है। इनमें मुद्रास्फीति, अस्थिरता, करेंसी डेप्रिसिएशन के खिलाफ पोर्टफोलियो का बचाव शामिल है। हाल ही में हुए क्रेश और मुद्रास्फीति के जोखिम के बाद अब क्रिप्टोकरेंसी को लेकर लोगों में डर बना हुआ है, इसीलिए कई देशों ने अधिक सोना खरीदना शुरू कर दिया है।
कितना खरीदा गोल्ड
जनवरी-सितंबर 2022 की अवधि में दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों द्वारा की गयी सोने की खरीद रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गयी। केंद्रीय बैंकों ने अकेले तीसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में 440 टन के साथ सामूहिक रूप से 670 टन सोना खरीदा। इसके अलावा वैश्विक स्तर पर एक-चौथाई केंद्रीय बैंक इस साल सोना खरीदना चाहते हैं।
किस देश ने खरीदा सबसे अधिक सोना
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, तुर्की 2022 में टॉप सोना खरीदार देश के रूप में उभरा। इसने जनवरी-सितंबर तिमाही के दौरान 94.63 टन सोना खरीदा, जो मिस्र द्वारा खरीदे गए 44.41 टन से दोगुने से भी अधिक है। इसी अवधि के दौरान 31.25 टन सोने की खरीद के साथ भारत इराक के बाद चौथे स्थान पर रहा।
- तुर्की - 94.63 टन
- मिस्र - 44.41 टन
- इराक - 33.90 टन
- भारत - 31.25 टन
- कतर - 30.29 टन
- उज़्बेकिस्तान - 27.99 टन
भारत खरीद रहा अधिक सोना
भारत अपने विदेशी मुद्रा भंडार में डायवर्सिफिकेशन लाने और भारतीय करेंसी में किसी भी गिरावट को कम करने के लिए सोने को खरीद रहा है। नवंबर 2022 में भारत के कुल विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी 7.26 प्रतिशत थी।
केंद्रीय बैंक क्यों खरीद रहे सोना
दुनिया के 78.6 प्रतिशत केंद्रीय बैंकों ने माना कि वैश्विक वित्तीय संकट का जोखिम है। 57.1 प्रतिशत का मानना है कि ग्लोबल मनी पॉलिसीज में बदलाव होंगे। अन्य 57.1 प्रतिशत केंद्रीय बैंक अमेरिका में आर्थिक जोखिम देख रहे हैं। इन कारकों के अलावा, दुनिया भर के 50 प्रतिशत केंद्रीय बैंक सोने की खरीदारी के लिए उत्साह दिखा रहे हैं क्योंकि वे बढ़ती मुद्रास्फीति से चिंतित हैं और सोने को इसके खिलाफ बचाव के रूप में देखते हैं। एक जानकार के अनुसार सभी बाजार साइकिलों में अपने पोर्टफोलियो में 10 फीसदी फंड सोने के लिए रखना चाहिए। उनके अनुसार एक पुराीन कहावत है कि "नया नौ दिन पुराना सौ दिन। इसलिए लिहाज से भले ही सोना निवेश का पुराना ऑप्शन है, मगर ये टिकाऊ ऑप्शन है। वैसे भी मुद्रास्फीति के खिलाफ बचाव के रूप में सोने का ट्रैक रिकॉर्ड अन्य एसेट क्लास से बेहतर है। इसलिए जानकार सोने को पसंद करते हैं।


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