नई दिल्ली, जून 5। एक हाई सैलेरी बैंकर की नौकरी कई लोगों का सपना होती है। ऐसे लोग अकसर भारत की वित्तीय राजधानी मुंबई में जॉब करने की इच्छा रखते हैं। ऐसी ही एक महिला है, जिसको ऐसा करने में कामयाबी मिली। मगर उसके सपने कुछ और थे। बता दें कि कोलकाता की राजर्षिता सूर को मुंबई में एक निजी बैंक में ट्रेजरी विभाग में नौकरी मिल गयी थी। कोई आश्चर्य की बात नहीं कि ये उन्हें एक बड़ी सफलता थी। लेकिन उनके सपने कुछ और थे और वे कुछ सालों बाद अपने सपनों का विरोध नहीं कर सकी। क्या थे उनके सपने और शेयर बाजार की मदद से उन्होंने इन सपनों को कैसे पूरा किया, आइए जानते हैं।
क्या था सपना
राजर्षिता का सपना दुनिया को देखने और अनदेखी जगहों की यात्रा करने का था। राजर्षिता ने अपने बैग पैक किए, नौकरी से इस्तीफा दिया और स्टॉक ट्रेडिंग के साथ अपने सफर पर निकल पड़ीं। मिंट की रिपोर्ट के अनुसार राजर्षिता के मुताबिक उनकी नौकरी अच्छी थी। लेकिन वे अपने काम के घंटों पर अधिक नियंत्रण चाहती थीं ताकि वे सफर कर सकें और इनकम सोर्स की चिंता किए बिना जहां चाहें वहां रह सकें।
शेयर बाजार की जानकारी
एक बैंकर के रूप में जब वे नौकरी कर रही थीं तो उस दौरान उन्हें फॉरेक्स (एफएक्स) ट्रेडिंग की जानकारी मिली, जो शेयर बाजारों में निवेश करने के लिए एक अच्छा आधार था। हालांकि उनके लिए फुल टाइम स्टॉक ट्रेडर बनना आसान नहीं था। उन्होंने जोखिम लिया क्योंकि वे शेयर बाजारों के अपने ज्ञान पर विश्वास कर रही थीं। नौकरी पर सीखी गयी चीजें और कॉलेज शिक्षा ने उनकी मदद की।
माता-पिता का साथ
जब उन्होंने अपनी नौकरी छोड़ी तो उनके इस निर्णय पर उनके माता-पिता ने कोई आपत्ति नहीं जताई। इसके लिए वे उनका आभार जताती हैं। बैंकिंग नौकरी से इस्तीफा देने के बाद, राजर्षिता तीन साल के लिए एक प्रॉप्राइटरी इक्विटी ट्रेडर के रूप में एक कॉर्पोरेट फर्म में शामिल हो गईं और साथ ही साथ शेयर बाजार में स्वतंत्र रूप से ट्रेड करना शुरू कर दिया।
बन गयी हैं गुरु
अब एक स्वतंत्र ट्रेडर के रूप में वे अपने करियर के आठ साल पूरे कर चुकी हैं। राजर्षिता अपने लालच पर काबू रखते हुए बुद्धिमानी से निवेश करती हैं और एक 'गुरु' के रूप में स्थापित हो गयी हैं। वे ट्रेडिंग की तुलना कैसीनो के साथ करती हैं। उनके अनुसार जब किसी को पैसे का स्वाद मिल जाता है, तो वे अधिक दांव लगाता है और इसी में लोग अपना सब कुछ खो देते हैं।
कैसे करती हैं खर्च
राजर्षिता के अनुसार यदि कोई गहराई से जानकारी के बिना शेयर बाजार का हिस्सा बनना चाहता है तो एक्सचेंज ट्रेडेड फंड, जिसे ईटीएफ के नाम से जाना जाता है, सबसे सुरक्षित निवेश ऑप्शन है। उनके मुनाफे का 10-20% यात्रा पर खर्च होता है और बाकी पैसा ईटीएफ, गोल्ड बीईएस, सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (एसजीबी), ब्लू-चिप कंपनियों और मिड-कैप स्टॉक, पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विस में निवेश किया जाता है। उन्हें कई झटके भी लगे। खास कर फ्यूचर एंड ऑप्शन में। वे लंबी अवधि के लिए बड़ी कंपनियों को चुनना पसंद करती हैं। नेपाल में एक सप्ताह की लंबी छुट्टी के बाद, राजर्षिता अब केन्या और आइसलैंड के तटों तक पहुंचने की योजना बना रही है।


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