नई दिल्ली, जुलाई 06। आरपीजी ग्रुप के चेयरमैन हर्ष गोयंका ने सुनहरे रंग के जापानी नस्ल के आम की तस्वीरें साझा की हैं। इस किस्म के आम को दुनिया का सबसे महंगा आम कहा जाता है। गोयनका के अनुसार, मध्य प्रदेश के जबलपुर का एक किसान ने अपने खेत में जापान के मियाज़ाकी किस्म के आम की खेती की हैं। मियाजाकी आम दुर्लभ नस्ल है। बाजार में अभी इस आम की कीमत 2.7 लाख रुपये प्रति किलो है।
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जापान में उगता है आम
उद्योगपति ने बताया कि किसान का नाम परिहार है और उसने मियाजाकी आम नस्ल के दो पेड़ों की सुरक्षा के लिए छह कुत्ते और तीन सुरक्षा गार्ड तैनात किए हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार परिहार को ट्रेन यात्रा के दौरान एक व्यक्ति से मियाज़ाकी का पौधा दिया था। परिहार के परिवार को यह अंदाजा भी नहीं था कि जापानी नस्ल के इस पेड़ पर यह मध्य प्रदेश में माणिक रंग के जापानी आम उगेंगे।
एग्स ऑफ़ सनशाइन कहा जाता है
मियाज़ाकी आमों को अक्सर "एग्स ऑफ़ सनशाइन" (जापानी में ताइयो-नो-तमागो) के रूप में जाना जाता है। आमों को यह नाम जापान के उस शहर से मिला जहां इस नस्ल के आम उगाए जाते हैं। जापान के मियाज़ाकी शहर में इस आम के नस्ल की खूब खेती होती है। जापान के समाचार रिपोर्ट के अनुसार, शहर के गर्म मौसम, लंबे समय तक धूप और अधिक मात्रा में बारिश ने मियाज़ाकी के किसानों को यह आम उगाने मे हेल्प करता है। यहा से यह आम पूरे विश्व में आयात किया जाता है।
350 ग्राम होता है वजन
औसतन एक आम का वजन लगभग 350 ग्राम होता है। ये आम अप्रैल और अगस्त के बीच फलों का विकास करते है, उनके पौधे ज्यादा आम का पैदावार करते है। मियाज़ाकी आम पूरे जापान में खूब पसंद किए जाते हैं, और ओकिनावा के बाद जापान में उनका उत्पादन मात्रा दूसरे स्थान पर है। दुर्लभ प्रजाती और कुछ ही जगह पर पैदावार के कारण विश्व बाजार में इसकी कीमत अधिक होती है।


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