नई दिल्ली, दिसंबर 13। अकसर लोग किस्मत के धनी होते हैं। उन्हें कुछ करने की जरूरत नहीं पड़ती और जीवन में सब कुछ मिलता चला जाता है। कुछ लोग मेहनत करते हैं और फिर अचानक उन्हें एक साथ काफी पैसा मिल जाता है। इसी उम्मीद में लोग लॉटरी खरीदते हैं। कुछ गिने चुने लोग ही लॉटरी में बड़ा इनाम जीत पाते हैं। मगर जो जीतते हैं उनकी किस्मत हमेशा के लिए बदल जाती है। कुछ ऐसा ही हुआ है पश्चिम बंगाल के एक व्यक्ति के साथ, जो एक ही जिन में करोड़पति बन गया।
सुबह खरीदी लॉटरी दोपहर को करोड़पति
पूर्वी बर्धमान जिले के निवासी शेख हीरा ने एक सुबह 270 रुपये में एक लॉटरी का टिकट खरीदा। दोपहर तक उनकी किस्मत बदल गई क्योंकि वे करोड़पति बन गए। वास्तव में, वह 1 करोड़ रुपये का जैकपॉट जीतने के बाद इतना हैरान हुए कि वह सलाह लेने के लिए सीधे पुलिस स्टेशन चले गए। उनके मन में लॉटरी टिकट खोने का डर भी था। आखिरकार शक्तिगढ़ पुलिस उन्हें सकुशल उनके घर ले गई। उनके घर पर पुलिस की टीम तैनात कर दी गई है।
माता हैं बीमार
शेख की मां बीमार है। उनके इलाज के लिए उन्हें काफी पैसे की जरूरत थी। किस्मत के इस अचानक हुए खेल से शेख, जो कि एक एंबुलेंस चालक हैं, को भरोसा है कि उनकी मां जल्द ही ठीक हो जाएगी। वे हमेशा एक दिन जैकपॉट जीतने का सपना देखते थे और टिकट खरीदते रहते थे। आखिरकार उनकी किस्मत बदल गयी है और उन्हें 1 करोड़ रु का इनाम मिला है।
क्या करेंगे पैसों का
यह पूछे जाने पर कि वह इतने पैसों का क्या करेंगे शेख ने कहा कि वह एक निम्न मध्यम वर्गीय परिवार से ताल्लुक रखते ह, और उनकी वित्तीय समस्याएं इस पैसे से हल होंगी। अभी के लिए उन्हें मां के लिए सबसे अच्छा इलाज मिल जाएगाऔर रहने के लिए एक अच्छा घर भी बनाएंगे। शेख हीरा अभी इससे ज्यादा कुछ नहीं सोच रहे।
पहले कभी नहीं लगा ऐसा इनाम
भाग्यशाली लॉटरी टिकट बेचने वाले शेख हनीफ ने के अनुसार वे कई सालों से लॉटरी टिकट के कारोबार में हैं। बहुत से लोग उनकी दुकान से टिकट खरीदते हैं। कुछ पुरस्कार कभी-कभी मिलते हैं। लेकिन ऐसा जैकपॉट पुरस्कार उनकी दुकान से पहले कभी नहीं निकला। अब वे बहुत खुश हैं कि जैकपॉट विजेता ने उनकी दुकान से टिकट खरीदा।
लगा 12 करोड़ रु का इनाम
इसी साल सितंबर में केरल के एर्नाकुलम जिले के एक 58 वर्षीय ऑटो-रिक्शा चालक की किस्मत रातोंरात बदल गयी थी। उन्हें राज्य सरकार की थिरुवोनम बम्पर लॉटरी का विजेता घोषित किया गया था। इस लॉटरी में उन्हें 12 करोड़ रुपये का इनाम जीता था। कोच्चि के मराडू के रहने वाले जयपालन पीआर ने पास की बैंक शाखा में विजेता टिकट की ऑरिजनल कॉपी जमा की, जिसके बाद उन्हें लॉटरी के प्रथम पुरस्कार विजेता के रूप में प्रमाणित किया गया। टैक्स और एजेंसी के कमीशन की कटौती के बाद उन्हें लगभग 7.4 करोड़ रुपये की राशि मिलने की उम्मीद थी। जयपालन ने स्थानीय मीडिया को बताया था कि उन्होंने 10 सितंबर को त्रिपुनिथुरा में मीनाक्षी लकी सेंटर से टिकट खरीदा था।


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