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कमाल की किस्मत : 2100 रु में खरीदी एक तस्वीर, मिलेंगे लगभग 368 करोड़ रु

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नई दिल्ली, नवंबर 28। कुछ चीजें ऐसी होती हैं कि जितनी वो पुरानी होती जाती हैं, उतनी ही अधिक उनकी कीमत होती जाती है। ये चीजें अकसर लोगों को लखपति-करोड़पति बना देती हैं। एक ऐसा ही मामला सामने आया है, अमेरिका से। एक अमेरिकी व्यक्ति ने केवल 30 डॉलर (करीब 2100 रुपये) में एक आर्टवर्क खरीदा। मगर उसे ये नहीं पता था कि इस आर्टवर्क की कीमत असल में करोड़ों रु में है। जब उस व्यक्ति को इस आर्टवर्क की कीमत के बारे में पता चला तो उसके होश ठिकाने नहीं रहे। ये व्यक्ति एक मिनट में करोड़पति नहीं बल्कि अरबपति बन गया था।

 

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कितनी है स्केच की कीमत

कितनी है स्केच की कीमत

इस स्केच की कीमत असल में सैकेड़ों करोड़ रु है। मिरर यूके की रिपोर्ट के अनुसार इस व्यक्ति ने गुमनाम रहने का फैसला किया है। दरअसल एक बार उसे एक माँ और बच्चे का बिना फ्रेम वाला स्केच पसंद आया, जो कि पीले लिनन पर सुंदर ढंग से तैयार किया गया था। उस व्यक्ति को इस बारे में जरा भी गुमान नहीं था कि यह कोई महत्व रखने वाला आर्टवर्क है। मगर ये स्केच वास्तव में कला की दुनिया के सबसे प्रसिद्ध मोनोग्राम - अल्ब्रेक्ट ड्यूरर के "एडी" में से एक था।

कितनी आंककी जा रही कीमत
 

कितनी आंककी जा रही कीमत

अब आर्टवर्क का मूल्यांकन विशेषज्ञों और विद्वानों द्वारा किया गया है, जो इस बात पर सहमत हैं कि ये स्केच असल है। अनुमानों के अनुसार इस स्केच की कीमत 5 करोड़ डॉलर यानी लगभग 368 करोड़ रु आंकी जा रही है। इस स्केच को मैसाचुसेट्स (अमेरिकी राज्य) में 2016 में दिवंगत वास्तुकार जीन-पॉल कार्लहियन के परिवार ने बेचा था। उस व्यक्ति की किस्मत एक स्केच ने एक मिनट में बदल दी है।

कौन हैं अल्ब्रेक्ट ड्यूरर

कौन हैं अल्ब्रेक्ट ड्यूरर

अल्ब्रेक्ट ड्यूरर पुनर्जागरण आंदोलन के एक जर्मन चित्रकार हैं, जिन्होंने अपने हाई क्वालिटी वाले वुडकट प्रिंट के कारण 20-30 साल की आयु में पूरे यूरोप में अपनी प्रतिष्ठा और प्रभाव स्थापित किया। वह राफेल, जियोवानी बेलिनी और लियोनार्डो दा विंची समेत अपने समय के प्रमुख इतालवी कलाकारों के संपर्क में रहे, और उन्हें 1512 से सम्राट मैक्सिमिलियन I की तरफ से सपोर्ट मिला।

सोना समझ कर रखा मगर वो था कुछ और

सोना समझ कर रखा मगर वो था कुछ और

हाल ही में इसी तरह की एक और घटना सामने आई, जिसमें एक व्यक्ति ने सोना समझ कर एक बड़े से टुकड़े को अपने पास रख लिया। ऑस्ट्रेलिया के निवासी डेविड होल मेलबर्न के पास मैरीबोरो रीजनल पार्क में मेटल डिटेक्टर के उपयोग से सोना तलाश कर रहे थे। तभी उन्हें एक चट्टान दिखी जो असामान्य रूप से भारी, लाल रंग की थी और पीली मिट्टी में पड़ी थी।

क्या था वो पत्थर

क्या था वो पत्थर

होल को लगा कि उन्हें सोना मिल गया। मैरीबोरो, जहां होल को ये चट्टान मिली वो गोल्डफील्ड क्षेत्र में स्थित है। सालों बाद उन्हें पता चला कि वह सोने से कहीं ज्यादा कीमती है। होल उसे पहचान कराने के लिए मेलबर्न संग्रहालय ले गए। पता चला कि यह चट्टान दरअसल उल्कापिंड है। शोधकर्ताओं ने निष्कर्ष निकाला कि चट्टान 4.6 अरब वर्ष पुरानी है। हालांकि इस पूरी अवधि के दौरान यह पृथ्वी पर नहीं थी।

English summary

Amazing luck A picture bought for Rs 2100 will get around Rs 368 crore

Now the artwork has been evaluated by experts and scholars, who agree that the sketch is genuine. According to estimates, the cost of this sketch is being estimated at $ 50 million, or about Rs 368 crore.
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