नई दिल्ली, जुलाई 23। यदि आप दिल्ली मेट्रो में सफर कर रहे हैं तो सावधान हो जाएं। क्योंकि आपको एक गलती के कारण तगड़ा चालान भरना पड़ सकता है। दरअसल दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) ने मेट्रो में फेस मास्क को अनिवार्य कर रखा है। मगर इसके कई बार अनाउंस करने पर भी सभी यात्री मास्क नहीं पहनते हैं। यहां तक मेट्रो के अंदर भी कई लोग आपको बिना मास्क के दिख जाएंगे। ऐसे ही लोगों पर पकड़े जाने पर जुर्माना लगाया जा सकता है।
फ्लाइंग स्क्वाड तैनात
कुछ रिपोर्ट के अनुसार मास्क को लेकर कार्रवाई करने पर कई बार मेट्रो में हालत ठीक नहीं रहते हैं। असल में कुछ मौकों पर मेट्रो कर्मचारियों और मास्क नियम का उल्लंघन करने वाले लोगों के बीच नोकझोक की खबरें आई हैं। बल्कि बात हाथापाई तक पहुंच जाती हैं। इसी समस्या के निपटारे के लिए डीएमआरसी ने फ्लाइंग स्क्वाड तैनात कर दिये हैं। ये कई स्टेशनों पर उठाया गया है।
क्या है डीएमआरसी की कोशिश
दिल्ली मेट्रो में कोविड दिशा-निर्देशों के पालन न करने के कई मामले सामने आ रहे हैं। डीएमआरसी के अनुसार वे कोविड गाइडलाइन को फॉलो करने के लिए हर प्रयास कर रही है। कोविड-19 के प्रोटोकॉल्स का सही तरह से पालन किया जाए इसी के लिए दिल्ली मेट्रो के स्टेशनों पर निगरानी के लिए फ्लाइंग स्क्वाड नियुक्त कर दिया गया है।
दिख जाएंगे बिना मास्क के लोग
आपको बता दें आपको भी बहुत से लोग मेट्रो में बिना मास्क के दिए जाएंगे। कश्मीरी गेट मेट्रो स्टेशन पर ऐसे लोगों की संख्या अधिक रहती है। दिल्ली मेट्रो और मेट्रो स्टेशनों पर मौजूद यात्री ऐसा भी करते देखे गए हैं कि वे एंट्री करते समय मास्क लगाते हैं ताकि उन्हें चेकिंग पर रोका न जाए, मगर बाद में वे मास्क हटा देते हैं या मुंह से नीचे मास्क कर लेते हैं, जो मास्क न लगाने जैसा ही है।
कितने का कटेगा चालान
डीएमआरसी के संचालन और रखरखाव अधिनियम में फेस मास्क नहीं पहनने या सोशल डिस्टेंस बनाए रखने वालों के खिलाफ मुकदमा चलाने का कोई प्रावधान नहीं है, इसलिए डीएमआरसी ऐसे उल्लंघनकर्ताओं पर अधिनियम की धारा 59 के तहत "मेट्रो परिसर में उपद्रव पैदा करने" के लिए 200 रुपये का जुर्माना लगाती है।
2,160 लोगों पर लगा फाइन
जब दिल्ली मेट्रो ने महामारी लॉकडाउन के बाद सितंबर 2020 से ट्रेन संचालन फिर से शुरू किया, तो इसने सोशल डिस्टेंस बनाए रखने जैसे अन्य सुरक्षा उपायों का पालन नहीं करने के अलावा, यात्रियों को फेस मास्क नहीं पहनने या इसे ठीक से न पहनने के लिए दंडित करने के लिए अपने फ्लाइंग स्क्वॉड को तैनात किया था। इसी साल में मई में 2,160 लोगों को दंडित किया गया और जून के पहले सप्ताह में 500 से अधिक यात्रियों पर जुर्माना लगाया गया। डीएमआरसी के अनुसार, चेकिंग रैंडम है क्योंकि किसी को भी बिना फेस मास्क के मेट्रो परिसर में प्रवेश करने की अनुमति नहीं है। मगर लोग इसे अंदर पहुंच कर हटा देते हैं। यहां तक कि जब डीडीएमए ने इस साल अप्रैल में लगभग तीन सप्ताह तक सार्वजनिक स्थानों पर फेस मास्क नहीं पहनने के लिए जुर्माना हटा दिया था, तब भी डीएमआरसी ने लोगों से यह कहते हुए मास्क लगाने का आग्रह किया था कि कोई जुर्माना नहीं होगा। इसने यात्रियों को अपनी और दूसरों की सुरक्षा के लिए मास्क पहनने और हाथ की सफाई जैसे कोविड-उपयुक्त व्यवहार का पालन करने की सलाह दी थी।


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