नई दिल्ली, सितंबर 4। मारुति सुजुकी ने एक दोषपूर्ण (फॉल्टी) मोटर जनरेटर यूनिट को बदलने के लिए 1.8 लाख कारों को वापस बुलाने का ऐलान किया है। ये कारें 4 मई 2018 और 27 अक्टूबर 2020 के बीच बेची गई हैं। जिन कारों को रिकॉल किया जा रहा है उनमें सियाज सेडान, एर्टिगा यूटिलिटी व्हीकल और एसयूवी विटारा ब्रेज़ा, एसक्रॉस और एक्सएल-6 के कुछ पेट्रोल वेरिएंट शामिल हैं। मारुति ने कहा है कि नवंबर के पहले सप्ताह से उस पार्ट को बदलने का काम शुरू हो जाएगा, जिसमें गड़बड़ है। तब तक ग्राहकों से अनुरोध किया गया है कि वे उन क्षेत्रों में वाहन चलाने से बचें, जहां जल भरा हुआ हो ताकि और वाहन में विद्युत / इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स पर सीधे तौर पानी न पड़े।
फ्री में बदलेगा फॉल्टी पार्ट
देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी ने कहा है कि फॉल्टी पार्ट को फ्री में बदला जाएगा। कंपनी ने कहा है कि ग्राहकों को पार्ट चेंज कराने के लिए डीलरशिप की तरफ से मैसेज या कॉल की जाएगी। मारुति के अनुसार इस तरह के रिकॉल अभियान विश्व स्तर पर उन गड़बड़ियों को सुधारने के लिए चलाए जाते हैं, जिनसे सेफ्टी को खतरा हो। ग्राहकों के हित में मारुति ने मोटर जनरेटर इकाई के निरीक्षण/बदलने के लिए खुद ही अपनी मर्जी से वापस बुलाने का निर्णय लिया है।
ऑनलाइन करें चेक
कंपनी ने कहा कि संदिग्ध वाहनों के ग्राहक कंपनी की वेबसाइट www.marutisuzuki.com (अर्टिगा और विटारा ब्रेजा के लिए) या www.nexaexperience.com (सियाज, एक्सएल6 और एस-क्रॉस के लिए) पर 'इम्प कस्टमर इंफो' सेक्शन पर भी जा सकते हैं और अपने वाहन का चेसिस नंबर दर्ज करके चेक कर सकते हैं कि उनके वाहन में गड़बड़ी है या नहीं।
ये है नियम
पहले गड़बड़ी पर कारों को बुलाना स्वैच्छिक था, सरकार ने अब वाहन निर्माताओं के लिए गड़बड़ी पाए जाने पर कारों को वापस बुलाना अनिवार्य कर दिया है। सरकार अब इस मामले में जुर्माना भी लगाती है। पहले ऐसे उदाहरण सामने आए हैं जब वाहन कंपनियां ब्रांडिंग पर निगेटिव प्रभाव के डर से ऐसे दोषों को दूर करने से बचती थीं।
अकसर वापस बुलाई जाती हैं कारें
मारुति ने पहली बार कारें वापस नहीं बुलाई हैं। बल्कि इसने 2020 में भी 1.3 लाख कारें वापस बुलाई थीं। वहीं फॉक्सवॉगन ग्रुप ने 2015 में 3.2 लाख और उसी साल होंडा कार्स ने 2.2 लाख और जीएम ने 1.6 लाख कारें किसी न किसी गड़बड़ी के कारण वापस मंगाई थीं। 2013 में फोर्ड ने 1.7 लाख और उससे पहले 2016 में होंडा ने 1.4 लाख कारें मंगाई थीं।
मारुति की अगस्त बिक्री
मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड की अगस्त में इलेक्ट्रॉनिक कम्पोनेंट की कमी के कारण कुल बिक्री घट गई। जुलाई के मुकाबले इसकी बिक्री अगस्त में 19.5 फीसदी घट कर 1,30,699 यूनिट रह गयी। मगर ध्यान रहे कि साल दर साल आधार पर इसकी सेल्स में 5 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिली। इसने पिछले साल अगस्त महीने में 124,624 कारें बेची थीं। मासिक आधार पर कंपनी का निर्यात 2.8 फीसदी घट कर 20,619 यूनिट रह गया, जबकि यूटिलिटी व्हीकल सेल्स 24.5 फीसदी लुढ़क कर 32272 यूनिट रह गयी।


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