Akshaya Tritiya 2025: सोने की कीमतों में रिकॉर्ड तोड़ दिया. लगातार तेजी के चलते 10 ग्राम का रेट सराफा बाजार में 1 लाख रुपए तक पहुंचा. कीमतों में जोश भरने का काम सबसे ज्यादा अमेरिकी टैरिफ ने किया. इसके अलावा सेंट्रल बैंकों की लगातार खरीदारी, कमजोर डॉलर समेत अन्य फैक्टर्स भी शामिल रहे. यही वजह है कि केवल 2025 में अब तक 24 कैरेट सोने का रेट 30 फीसदी से ज्यादा उछल चुका है. देशभर में 30 अप्रैल को अक्षय तृतीया (Akshaya Tritiya Date) मनाया जाएगा. इस शुभ अवसर पर सोने (Gold) की खरीदारी की जाती है. ऐसे में आसमान छू रहे सोने में निवेश करने की क्या स्ट्रैटेजी होनी चाहिए?

अक्षय तृतीया पर सोना
पिछले साल अक्षय तृतीया (Akshaya Tritiya Puja Time) 10 मई 2024 को मनाई गई थी, तब से 28 अप्रैल 2025 तक के आंकड़ों के मुताबिक सोने का रेट 30% से ज्यादा उछल चुका है. तब ग्राहकों को 24 कैरेट सोना 73240 रुपए प्रति 10 ग्राम पर मिल रहा था, जोकि अभी 94000 से 95000 रुपए प्रति 10 ग्राम पर बिक रहा है. सोने का रेट 2019 में अक्षय तृतीया 31729 रुपए प्रति 10 ग्राम के मुकाबले 200% से ज्यादा चढ़ चुका है.
सोने की ऊंची कीमतों का असर
ब्रोकिंग फर्म वेंचुरा के मुताबिक अक्षय तृतीया (Akshaya Tritiya 2025) पर सोने की मांग में सबसे बड़ी हिस्सेदारी दक्षिण भारत से 40% की होती है, फिर पश्चिम भारत 25%, पूर्वी भारत से 20% और उत्तर भारत से 10% होती है. दरअसल, उत्तर भारत में सोने की खरीदारी दशहरे पर ज्यादा की जाती है. हालांकि, इस समय सोने की ऊंची कीमतों के चलते अक्षय तृतीया पर सेल्स वॉल्युम में गिरावट देखने को मिल सकती है.
सोने को लेकर कंज्युमर सेंटीमेंट
सोने की कीमतों (Gold Price) में तूफानी तेजी के चलते कंज्युमर सेंटीमेंट पर असर पड़ सकता है. क्योंकि ज्यादातर परिवार आने वाले महीनों मई, जून और जुलाई में शादियों के चलते सोने में खरीदारी की प्लानिंग करते हैं, लेकिन कीमतों में उतार-चढ़ाव के चलते वे सतर्क रुख अपना सकते हैं. दूसरी ओर ज्वैलर्स ऑफर भी दे सकते हैं, जिसमें पुराने गहनों के बदले नए गहने समेत अन्य शामिल हैं.
वेंचुरा की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक निवेश पर फोकस बढ़ा है. ग्राहक लंबी अवधि के लिए ऊंची कीमतों के बावजूद सुरक्षित निवेश के तौर पर लगातार गोल्ड बार्स और कॉइंस खरीद रहे. क्योंकि ज्वैलरी, ETF या डिजिटल गोल्ड के मुकाबले कॉइंस और बार्स का CAGR रिटर्न ज्यादा रहा.
सोने को लेकर क्या है अनुमान?
ब्रोकिंग फर्म ने कहा कि सोने को लेकर बुलिश नजरिया ही रहेगा. क्योंकि जियो-पॉलिटिकल टेंशन बढ़ने या ग्लोबल इकोनॉमिक कंडीशन खराब होने की स्थिति में सोना भागेगा. अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US FED) की ओर से ब्याज दरों में कटौती का भी ट्रिगर सोने में जोश भरने का काम करेगा. ऐसे में सोने की कीमतें अगले अक्षय तृतीया (19 अप्रैल 2026) तक 101000 से 104000 रुपए प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकता है. कॉमैक्स पर सोना 3600 से 3700 डॉलर प्रति ऑन्स तक पहुंच सकता है. हालांकि, अगर फेड ने ब्याज दरों में कटौती को आगे के लिए टाला और सेंट्रल बैंकों की ओर से खरीदी थमती है या फिर अमेरिकी इकोनॉमी में अचानक मजबूती दिखती है तब सोने में करेक्शन देखने को मिल सकता है.
वेंचुरा ने कहा कि इन ट्रिगर्स की वजह से कॉमैक्स पर सोने में गिरावट देखने को मिल सकता है. यह 3000 से 2900 डॉलर प्रति ऑन्स तक फिसल सकता है. भारतीय बाजार में 24 कैरेट सोने का रेट 90000 से 87000 रुपए प्रति 10 ग्राम तक फिसल सकता है. मौजूदा समय से दिसंबर 2025 तक सोने में तेज एक्शन की स्थिति बरकरार रहेगी. ऐसी स्थिति में सोने का रेट भारत में 86000 से 96000 रुपए प्रति 10 ग्राम तक रह सकती है. विदेशी में सोना 2900 से 3300 डॉलर प्रति ऑन्स के बीच रह सकता है.
कब है अक्षय तृतीया?
देशभर में इस साल अक्षय तृतीया (Akshaya Tritiya) 30 अप्रैल 2025 को मनाया जाएगा. पूजा मुहूर्त सुबह 5 बजकर 40 मिनट से दोपहर 12 बजकर 18 मिनट तक रहेगा. हालांकि, अक्षय तृतीया तिथि 29 अप्रैल को शाम 5 बजकर 31 मिनट से शुरु हो जाएगा, जोकि 30 अप्रैल शाम 2 बजकर 12 मिनट तक चलेगा. अगले साल अक्षय तृतीया 19 अप्रैल 2026 को मनाया जाएगा.


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