टेलिकॉम इंडस्ट्री में रिलायंस जियो के आने के बाद से सस्ते प्लान का आनंद ले रहे यूजर्स को अब भारी पड़ने वाली है।
नई दिल्ली: टेलिकॉम इंडस्ट्री में रिलायंस जियो के आने के बाद से सस्ते प्लान का आनंद ले रहे यूजर्स को अब भारी पड़ने वाली है। जैसा कि जियो ने दूसरी कंपनियों पर आउटगोइंग कॉल पर चार्ज लगाकर दाम बढ़ाने की जो प्रक्रिया शुरू की तो प्राइस वॉर से बेहाल एयरटेल और वोडाफोन आइडिया ने इसे मौका मानकर दिसंबर से टैरिफ बढ़ाने का ऐलान कर दिया। इस तरह जियो ने कहा कि वह एक बार फिर से जल्द ही अपने प्लान महंगा करेगा।

अगर रिलायंस जियो अगले कुछ हफ्ते में टैरिफ बढ़ाती है तो भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया के पास भी 30% तक की बढ़ोतरी करने की गुंजाइश होगी। जानकारो का कहना है कि ये दोनों कंपनियां अगले तीन महीनों में यह बढ़ोतरी लागू कर सकती है। उनका मानना है कि अगर ऐसा हुआ तो टेलिकॉम सेक्टर में प्राइस वॉर से नुकसान झेल चुकी कंपनियों को भरपाई करने का मौका मिल जाएगा।
औसतन 30 प्रतिशत के इजाफे की गुंजाइश
वहीं क्रेडिट सुइस ने एक नोट में कहा कि जियो की संभावित 15 प्रतिशत वृद्धि और दूसरे नेटवर्क पर कॉल के लिए 15 प्रतिशत की हो चुकी वृद्धि के मद्देनजर एयरटेल और वोडाफोन आइडिया के लिए टैरिफ में औसतन 30प्रतिशत के इजाफे की गुंजाइश बन गई है। हालांकि, जानकारों कि मानें तो मुकेश अंबानी की जियो दूसरे दौर की वृद्धि को लेकर बेहद सतर्कता बरतेगी क्योंकि उसे पता है कि जब से उसने दूसरी कंपनियों पर आउटगोइंग कॉल के लिए चार्ज करना शुरू किया तब से पुरानी टेलिकॉम कंपनियों और उसके बीच का प्राइस गैप घटकर बहुत कम रह गया है।
वोडाफोन और एयरटेल ने अगले महीने से टैरिफ बढ़ाने का किया ऐलान
जबकि तीन साल पहले सस्ते प्लान के साथ आई रिलायंस जियो ने मंगलवार को कहा कि वह रेग्युलेटर ट्राइ के निर्देश पर टैरिफ में इस तरह वृद्धि करने को तैयार है जिससे इंटरनेट डेटा की खपत और डिजिटलाइजेशन प्रक्रिया प्रभावित नहीं हो। दूसरी तरु सोमवार को ही वोडाफोन और एयरटेल ने अगले महीने से टैरिफ बढ़ाने का ऐलान किया था।
बता दें कि जेफ्रीज ने एक रिपोर्ट में कहा कि प्राइसिंग पर जियो के साथ बातचीत के बाद ट्राई के कंसल्टेशन पेपर को देखना महत्वपूर्ण होगा। वहीं रिपोर्ट में कहा गया है कि तीनों टेलिकॉम कंपनियों की टैरिफ में वृद्धि की योजना सेक्टर की वित्तीय सेहत के लिए तभी फायदेमंद हो सकती है जब यह वृद्धि कम-से-कम 20% की हो और कंपनियों को सरकार की तरफ से भी कुछ राहत मिल जाए।
वहीं सिटी रिसर्च ने कहा कि जियो का कदम सेक्टर की आर्थिक मजबूती के लिहाज से एक टर्निंग पॉइंट साबित होगा। इसने कहा कि जियो के कदम से प्राइस वॉर के कारण सेक्टर को हुए नुकसान की भरपाई करने की शुरुआत होगी। सिटी रिसर्च ने भी माना है कि नुकसान की कितनी भरपाई हो पाएगी, यह वृद्धि के दायरे और सरकारी राहत पर निर्भर करेगी।
एआरपीयू 2022 तक 55% बढ़ने का अनुमान
क्रेडिट सुइस का आकलन है कि एयरटेल और वोडा आइडिया का प्रति यूजर औसत राजस्व (एआरपीयू) 2022 तक 55% बढ़कर क्रमशः 198 रुपये और 166 रुपये हो जाएगा। इस मार्केट रिसर्च कंपनी का कहना है कि सरकार की नजर टेलिकॉम सेक्टर की वित्तीय सेहत सुधारने पर है और इस प्रयास में जियो भी भागीदारी निभाने को तैयार दिखती है। एयरटेल और वोडाफोन आइडिया ने सितंबर तिमाही में क्रमशः 128 रुपये और 107 रुपये का एआरपीयू घोषित किया था।


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