Perplexity bid for Google Chrome browser: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस स्टार्टअप पर्प्लेक्सिटी AI ने गूगल के क्रोम ब्राउजर के लिए 34.5 (लगभग 3 लाख करोड़) अरब डॉलर की बोली लगाई है।यह आंकड़ा पर्प्लेक्सिटी के मौजूदा वैल्यू से ज्यादा है। लेकिन कंपनी ने कहा कि कई निवेशक इस डील का समर्थन करने के लिए सहमत हो गए हैं।

जुलाई में, पर्प्लेक्सिटी का वैल्यूएशन 18 अरब डॉलर एस्टीमेट किया गया था, जो उस विस्तार का हिस्सा था जिससे कुछ महीने पहले कंपनी का वैल्यूएशन 14 अरब डॉलर आंका गया था।
पेरप्लेक्सिटी AI ने बताया कि उसने अल्फाबेट के क्रोम ब्राउजर के लिए 34.5 बिलियन डॉलर की बोली लगाई है। इसके लिए स्टार्टअप के अपने वैल्यूएशन से कहीं अधिक फाइनेंसिंग की जरुरत होगी।
पहले भी रखी ऐसी प्रपोजल
बता दें कि इससे पहले भी पेरप्लेक्सिटी ने ऐसा ही प्रपोजल रखा था। अरविंद श्रीनिवास की कंपनी पेरप्लेक्सिटी सुर्खियां बटोरने वाले प्रस्तावों के लिए कोई अजनबी नहीं है। इसने जनवरी में TikTok US के लिए भी ऐसा ही एक प्रपोजल रखा था, जिसमें TikTok के चीनी स्वामित्व को लेकर अमेरिकी चिंताओं को दूर करने के लिए लोकप्रिय शॉर्ट-वीडियो ऐप के साथ विलय की पेशकश की गई थी।
AI सर्च की दौड़ में बढ़त
यह स्टार्टअप मेटा सहित कई कंपनियों के साथ जनरेटिव AI में वर्चस्व की लड़ाई के बीच में है। क्रोम को खरीदने से स्टार्टअप को ब्राउजर के तीन अरब से ज्यादा यूजर का लाभ उठाकर AI सर्च की दौड़ में बढ़त हासिल करने में मदद मिलेगी, क्योंकि नियामक दबाव से उद्योग पर Google की पकड़ को खतरा है।
Google ने क्रोम को बिक्री के लिए पेश नहीं किया है और पिछले साल अमेरिकी अदालत के उस फैसले के खिलाफ अपील करने की योजना बना रही है जिसमें पाया गया था कि ऑनलाइन सर्च में उसका एकाधिकार गैरकानूनी है। न्याय विभाग ने मामले के समाधान के तहत क्रोम के डिसइनवेस्टमेंट की मांग की है।
पेरप्लेक्सिटी ने मंगलवार को यह खुलासा नहीं किया कि वह इस प्रस्ताव के लिए पैसे कैसे जुटाएगी। तीन साल पुरानी इस कंपनी ने अब तक Nvidia और जापान के सॉफ्टबैंक सहित निवेशकों से लगभग 1 अरब डॉलर का निवेश जुटाया है। पिछली बार इसका वैल्यूएशन 14 अरब डॉलर था।


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