नयी दिल्ली। रेटिंग एजेंसी स्टैंडर्ड एंड पुअर्स (एसएंडपी) ने बुधवार को कैलेंडर वर्ष 2020 के लिए भारत की अनुमानित विकास 5.7 फीसदी से घटा कर 5.2 फीसदी कर दी है। रेटिंग एजेंसी को डर है कि COVID-19 (कोरोनावायरस) के परिणामस्वरूप एशिया प्रशांत क्षेत्र मंदी की स्थिति में आ सकता है। एशिया पैसिफिक क्षेत्र के लिए अपनी रिपोर्ट में एसएंडपी ने कहा कि क्षेत्र की अर्थव्यवस्थाओं में घरेलू और व्यावसायिक विश्वास का नुकसान गंभीर और लगातार आपूर्ति और मांग के झटके में बदल जाएगा, जबकि बेरोजगारी की दर में वृद्धि होगी। आवाजाही और प्रतिबंधों से लगभग हर जगह घरेलू मांग प्रभावित होगी। एसएंडपी ने कहा कि अमेरिका और यूरोप में कमजोर मांग के चलते एशिया का निर्यात प्रभावित होगा।

चीन की विकास दर भी घटाई
एसएंडपी ने चीन की विकास दर भी घटाई है। 2020 के लिए एसएंडपी ने चीन की विकास दर 4.8 फीसदी से घटा कर 2.9 फीसदी कर दी है। एसएंडपी के अनुसार एक साल पहले की समान अवधि के मुकाबले पहली तिमाही के दौरान चीन की अर्थव्यवस्था में 10% की गिरावट आएगी। बता दें कि चीन के वुहान से शुरू होने के बाद कोरोनावायरस ने विश्व स्तर पर लगभग 200,000 लोगों को अपनी चपेट में ले लिया है। इसमें 7,948 लोग मारे गए। वहीं भारत में तीन लोगों की मृत्यु हुई है, जबकि कोरोना के पुष्ट मामलों की संख्या 130 हो गई है।
एसएंडपी से पहले मूडीज ने घटाई विकास दर
एसएंडपी से पहले मूडीज भी भारत की विकास दर के लिए अनुमान कम कर चुकी है। ग्लोबल रेटिंग एजेंसी मूडीज के अनुसार 2020 में भारत की विकास दर 5.3 फीसदी रह सकती है। इससे पहले फरवरी में मूडीज ने 2020 के लिए भारत की अनुमानित विकास दर 6.6 फीसदी से घटा कर 5.4 फीसदी कर दी थी, जिसे अब 5.3 फीसदी कर दिया है। मूडीज के ताजा फैसले के पीछे मुख्य कारण कोरोनावायरस के चलते यात्रा प्रतिबंध और रोकथाम के उपाय हैं।


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