नई दिल्ली, जून 29। केयर्न एनर्जी के बाद देवास मल्टीमीडिया प्राइवेट लिमिटेड भी एयर इंडिया लिमिटेड की विदेशों में संपत्ति को जब्त करने का प्रयास कर रही है। देवास मल्टीमीडिया ने भारत से 1.2 अरब डॉलर से अधिक का अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता मुकदमा जीता था। अब ये उसी मामले में एयर इंडिया की संपत्ति जब्त करने के प्रयास में है। देवास मल्टीमीडिया ने न्यूयॉर्क में एक याचिका दायर की है जिसमें अमेरिका में मौजूद एयर इंडिया के विमान, कार्गो हैंडलिंग उपकरण और आर्टवर्क को जब्त करने की मांग की गयी है। याचिका के अनुसार यदि एयर इंडिया देवास को 1.2 अरब, जो देवास असल में भारत से मांगती है, का भुगतान नहीं करती तो इसकी संपत्ति जब्त करने की बात कही गयी है।

केंद्र सरकार के प्लान हो सकता है बेकार
देवास के इस कदम से कर्ज में डूबी और घाटे में चल रही एयर इंडिया को बेचने की भारत सरकार की योजना खतरे में पड़ सकती है, क्योंकि ऐसे में कोई भी निवेशक एयर इंडिया में निवेश करने से बचेगा। पिछले साल भारत दो अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता मामलों में हारा। इनमें से एक वोडाफोन ग्रुप पीएलसी के साथ 3 अरब डॉलर का टैक्स विवाद था और दूसरा केयर्न के साथ 1.2 अरब डॉलर का विवाद था। दोनों फैसलों को भारत ने चुनौती दी है।
क्या है पूरा मामला
भारत सरकार 2011 से देवास के साथ कई अदालती मामलों में उलझी रही है। विवाद तब शुरू हुआ था जब सरकारी कंपनी एंट्रिक्स कॉर्प ने देवास के साथ एक समझौते को रद्द कर दिया था। इसके बाद देवास ने दावा किया था कि इससे उसके कई मिलियन डॉलर के निवेश की वैल्यू कम हो गयी। देवास ने एक मध्यस्थता न्यायाधिकरण में इस मामले में जीत हासिल की। इससे कंपनी को 11.1 करोड़ डॉलर और उस पर ब्याज के अलावा एक अलग में मामले में 56.25 करोड़ डॉलर और उस पर ब्याज का भुगतान किए जाने का फैसला हुआ।


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