नई दिल्ली, फरवरी 10। हर दिन कई तरह की नौकरियों के लिए लाखों लोगों का इंटरव्यू लिया जाता है। कुछ शुरुआती प्रयासों में ही मनचाही नौकरी पा लेते हैं। कुछ को मनचाही या अच्छी नौकरी पाने में समय लगता है। मगर दृढ़ता प्रोफेश्नल ग्रोथ की कुंजी है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप कितनी बार लड़खड़ाते हैं या असफल होते हैं, जरूरी यह है कि आप लगातार अपने लक्ष्यों का पीछा करते हैं या नहीं। तब ही आप लंबे समय में मनचाही चीज प्राप्त कर सकते हैं। यदि आप बड़े सपने देखते हैं, तो रिजेक्ट ई-मेल, असफल इंटरव्यू, साथियों के दबाव और अन्य निरंतर निराशाओं से मुक्त होना जरूरी है। साथ ही अगली बार सीखने और बेहतर करने के अवसर को ढूंढना जरूरी है। कुछ ऐसा ही कि बिहार की संप्रीति यादव ने, जिन्हें अपनी मनचाही नौकरी पाने में काफी समय लगा।
मिली करोड़ों रु की नौकरी
संप्रीति यादव 24 वर्षीय हैं और सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। उन्हें गूगल में 1.10 करोड़ रुपये की नौकरी मिली। हालाँकि अपने सपनों की नौकरी के सफर में उन्हें एक लंबी और कठिन प्रोसेस से गुजरना पड़ा। इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार वे इंटरव्यू के दौरान नर्वस महसूस करती थीं। हालांकि उनके सपोर्ट सिस्ट्म (माता-पिता और करीबी दोस्तों) ने उन्हें लगातार बेहतर करने के लिए प्रोत्साहित किया।
बड़ी कंपनियों के बारे में पड़ा
संप्रीति ने बड़ी कंपनियों का स्टडी करने में घंटों बिताए। बड़ी कंपनियों के साथ ज्यादातर इंटरव्यू चर्चा की तरह होते हैं। अभ्यास और अधिक अभ्यास ने उन्हें घबराहट से निपटने और आत्मविश्वास से इंटरव्यू फेस करने में मदद की। उनकी कहानी इस बात को सच करती है कि कड़ी मेहनत हमेशा रंग लाती है। वह कहती हैं कि उन्होंने जो भी प्रयास किए उसे बेहतर करने के कड़े प्रयासों ने उन्हें इतना आगे बढ़ाया।
इंटरव्यू में फेल होना बेहतर
संप्रीति का कहना है कि इंटरव्यू में असफल होना भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह आपको अधिक मेहनत करने के लिए प्रेरित करता है। उनका कहना है कि आप जितना अधिक प्रयास करेंगे, लंबे समय में आपको उतना ही बेहतर मिलेगा। आज संप्रीति की चर्चा हर तरफ हो रही है। एक करोड़ का पैकेज लाखों भारतीयों के लिए एक सपना होगा। संप्रीति भी कहती हैं कि पैसा बहुत अच्छा है लेकिन उपलब्धि उनके लिए अधिक मूल्यवान है।
गूगल लंदन में मिला प्लेसमेंट
संप्रीति के अनुसार पैकेज से अलग गूगल लंदन में उनका प्लेसमेंट उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण पहलू है। उन्होंने मई 2021 में दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी से बीटेक पूरा किया। सॉफ्टवेयर इंजीनियर का कहना है कि जब तक रिश्तेदारों, दोस्तों और अन्य लोगों ने उन्हें बधाई संदेशों से भर देना शुरू नहीं किया, तब तक उन्हें अपनी उपलब्धि का एहसास नहीं हुआ।
माता-पिता की कड़ी मेहनत
संप्रीति कहती हैं कि बड़े होने के दौरान, उन्होंने अपने माता-पिता को दिन-रात कड़ी मेहनत करते देखा है। उनकी माँ लगातार प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल हुईं। अपने माता-पिता को कड़ी मेहनत करते हुए देखकर, उन्होंने जो कुछ भी किया, चाहे वह पढ़ाई हो या पाठ्येतर गतिविधियों, उन्होंने उसमें अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करने का फैसला किया। वे अपने माता-पिता और साथियों से भी प्रेरणा लेती हैं, क्योंकि उनका मानना है कि हमें हर किसी से कुछ सीखने को मिलता है।


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