नयी दिल्ली। लॉकडाउन के कारण हवाई जहाज उड़ान नहीं भर रहे हैं। फ्लाइट बंद हैं और विमानन कंपनियों की हालत खस्ता होती जा रही है। मगर इस बीच विमानों के ईंधन (विमानन टरबाइन ईंधन) या एटीएफ की कीमतों में भारी भरकम कटौती दर्ज की गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट से एटीएफ के दाम 23.2 फीसदी गिर गए हैं। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने एटीएफ की कीमतों में 6,812.62 प्रति किलोलीटर या 23.2 फीसदी की कमी की है, जिससे एटीएफ के दाम 22,544.75 रुपये प्रति किलोलीटर रह गए हैं। एक किलोलीटर में 1000 लीटर होते हैं। इस लिहाज से एक लीटर एटीएफ की कीमत 22.54 रुपये रह गयी है। दिल्ली में पेट्रोल का रेट 69.59 रुपये प्रति लीटर है। इस लिहाज से विमान ईंधन की कीमत पेट्रोल के मुकाबले करीब एक-तिहाई ही रह गयी है। बता दें कि डीजल के दाम 62.29 रुपये प्रति लीटर है। यानी डीजल के मुकाबले भी एटीएफ की कीमत प्रति लीटर करीब एक-तिमाही ही रह गयी है।
अब तक की सबसे बड़ी कटौती
ये एटीएफ के दामों में अब तक की सबसे बड़ी कटौती है। बता दें कि फरवरी के बाद ये छठी बार है जब एटीएफ की कीमतों में कटौती की गई है। फरवरी से विमान ईंधन के दाम करीब दो-तिहाई तक घट गए हैं। फरवरी में दिल्ली में एटीएफ का भाव 64,323.76 रुपये प्रति किलोलीटर था जो अब गिर कर 22,544.75 रुपये रह गया है। दिल्ली के अलावा ऐसी ही कटौती बाकी मेट्रो शहरों में भी दर्ज की गयी है। गौर करने वाली बात है कि सरकारी तेल कंपनियों ने नियमित रूप से एटीएफ की कीमतों में बदलाव किया है, मगर 16 मार्च से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में अंतरराष्ट्रीय तेल बाजारों में अत्यधिक अस्थिरता के कारण कोई बदलाव नहीं हुआ है।
सरकार ने लगाई थी एक्साइज ड्यूटी
याद हो कि सरकार ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट का फायदा उठाने के लिए पेट्रोल और डीजल पर 3 रुपये प्रति लीटर की अतिरिक्त एक्साइज ड्यूटी लगा दी थी। सरकार की तरफ से बढ़ाए गए शुल्क का बोझ ग्राहकों पर डालने के बजाय इसे कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट में एडजस्ट कर दिया था। उसके बाद से ही इन दोनों ईंधनों के दाम स्थिर हैं। देश में लॉकडाउन शुरू होने के साथ ही पेट्रोलियम कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल का रेट नहीं बदला है। जानकारी के लिए बता दें कि सरकारी तेल कंपनियां कीमतों की समीक्षा करने के बाद रोज पेट्रोल और डीजल के रेट तय करती हैं।
सभी एयरलाइन हैं बंद
कोरोनावायरस को रोकने के लिए लगाए गए प्रतिबंधों के मद्देनजर मार्च मध्य के बाद से कोई भी एयरलाइन नहीं चल रही है, फिर भी तेल कंपनियों ने जेट ईंधन की कीमतों में कटौती जारी रखी। वास्तव में, तेल कंपनियां हर महीने की 1 तारीख को एटीएफ की कीमतों में संशोधन करती थीं, लेकिन उन्होंने 21 मार्च को एयरलाइनों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की गिरती कीमतों का लाभ पहुंचाने के लिए बीच में ही कीमतें कम कर दीं।


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