नयी दिल्ली। बजट 2020 में सस्ते आवास लोन पर अतिरिक्त टैक्स छूट का ऐलान किया गया है। हाउसिंग फॉर ऑल यानी सबके लिए घर को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने बजट में मार्च 2021 तक सस्ते आवास ऋण पर चुकाए गए ब्याज पर सरकार 1.5 लाख रुपये के अतिरिक्त टैक्स छूट दी है। सस्ते आवासों के लिए टैक्स हॉलिडे की अवधि में 1 साल के लिए बढ़ा दिया गया है। अब सस्ते आवासों के लिए टैक्स हॉलिडे की समयसीमा मार्च 2021 तक रहेगी। 31 मार्च 2020 से पहले लिए गए कर्ज के लिए 2 लाख रुपये के मुकाबले वित्त मंत्री ने अपने पिछले बजट में 45 लाख रुपये से सस्ते आवासों के लिए 3.5 लाख रुपये तक की ब्याज कटौती का प्रस्ताव रखा था।

मिलती है टैक्स छूट
सस्ती आवास परियोजनाओं को आयकर अधिनियम की धारा 80 आईबीए के तहत टैक्स छूट मिलती है। वैसे पिछले एक साल में सरकार ने रियल एस्टेट सेक्टर में कई सुधारों की घोषणा की है, जिसमें अटकी परियोजनाओं के लिए 25,000 करोड़ रुपये का फंड बनाना शामिल है। बजट के बाद मार्केट जानकारों का कहना है कि यह निराशाजनक बजट है, क्योंकि इसमें ऐसा कुछ खास घोषित नहीं किया गया जो रियल एस्टेट की मांग को बढ़ावा दे। टैक्स हॉलिडे बढ़ा देना एकमात्र अच्छा कदम है।
कैसी रहेगी जीडीपी
2020-21 में नॉमिनल जीडीपी 10 फीसदी हो सकती है। इस बात की जानकारी केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2020-21 के लिए बजट पेश करते हुए दी है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटा जीडीपी का 3.8 फीसदी रह सकता है। इस लिहाज से चालू वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटा 7.67 लाख करोड़ रुपये रहेगा। वहीं 2020-21 में राजकोषीय घाटे के जीडीपी के 3.5 फीसदी रहने का अनुमान लगाया गया है। विनिवेश के लक्ष्य को बढ़ाते हुए सरकार ने बजट में 2020-21 साल के लिए विनिवेश के जरिये 2.1 लाख करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है।


Click it and Unblock the Notifications