
Gautam Adani : अडानी ग्रुप और हिंडनबर्ग विवाद के बीच में आज यानी सोमवार को केंद्र सरकार ने सुप्रीम से कहा है। कि फ्यूचर में इनवेस्टर्स के पैसे को सुरक्षित किया जाएं, इसके लिए एक कमेटी नियुक्त करने में उनको कोई आपत्ति नहीं है और यह भी कहा है। कि सेबी की इस परिस्थिति से निपटने के लिए सक्षम है।
डोमेन एक्सपर्ट्स के नाम सीलबंद कर में अपने अधिकार क्षेत्र को देना चाहती है
शुकवार को केंद्र को सुप्रीम कोर्ट ने आने के लिए कहा था और कमेटी की कार्यप्रणाली के बारे में अवगत कराने के लिए कहा था। केंद्र की तरफ से कहा गया है। कि शीर्ष अदालत कोई सीलबंद लिफाफे में नियामक तंत्र पर जो प्रस्तावित पैनल है। उसके लिए डोमेन एक्सपर्ट्स के नाम देना चाहता है। हालांकि, केंद्र सरकार की तरफ से चीफ जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ की जो अध्यक्षता वाली जो कमेटी हैं। इस कमेटी से कहा था। कि वह समिति के लिए डोमेन एक्सपर्ट्स के नाम सीलबंद कर में अपने अधिकार क्षेत्र को देना चाहती है।
129 बिलियन डॉलर का नुकसान हुआ है
केद्र सरकार और सेबी की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा है। कि मार्केट रेगुलेटर और दूसरे वैधानिक निकाय है। यह वर्तमान की स्थिति को समझने के लिए सुसज्जित है, पिछले महीने हिडनबर्ग की आई रिपोर्ट के बाद भारतीय ग्रुप में उथल पुथल जारी है। गौतम अडानी के नेतृत्व वाला अडानी ग्रुप के 7 शेयर के मार्केट मूल्य है।इसके करीब 129 बिलियन डॉलर का नुकसान हुआ है, क्योंकि 24 जनवरी 2023 एक रिपोर्ट ने अडानी ग्रुप पर कुछ आरोप लगाएं थे।
अब गौतम अडानी के पास से एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति ताज भी चला गया
देश में इसके परिणाम स्वरूप फाइनेंशियल संक्रमण की परेशानी को बढ़ा दिया है। संसद में विरोध प्रदर्शन जहां सांसद जांच की मांग कर रहे है। वही, कुछ अडानी इकाइयों की रेटिंग को आउटलुक डाउनग्रेड की है। इसके साथ ही गौतम अडानी का एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति का ताज भी चला गया है। सेबी ग्रुप की मार्केट की चाल की जांच कर रहा है। जिसमें गौतम अडानी के अडानी ग्रुप की जो प्रमुख कंपनी है। अडानी इंटरप्राइसेज की 2.5 अरब डॉलर की शेयर सेल में बिजनेस पैटर्न और संभावित अनियमितताओं को जांच शामिल है।


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