Dharavi Redevelopment Project : अडानी समूह ने मंगलवार को धारावी रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट के लिए बिड जीत ली। ये मुंबई के सबसे बड़े स्लम समूहों में से एक है और एशिया का सबसे बड़ा स्लम है। इसका मेकओवर अडानी ग्रुप की रियल एस्टेट यूनिट अडानी रियल्टी द्वारा किया जाएगा। धारावी की जनसंख्या 10 लाख तक आंकी जाती है।
कितनी लगाई बोली
द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार धारावी रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एसवीआर श्रीनिवास ने इस बात की पुष्टि कर दी है। उन्होंने बताया है कि अडानी समूह ने परियोजना के लिए सबसे अधिक 5,069 करोड़ रुपये की बोली लगाई। इसके बाद दूसरे नंबर पर रहा डीएलएफ समूह, जिसने 2,025 करोड़ रुपये की बोली लगाई।
कुल तीन बोली लगाने वाले
धारावी रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट के लिए कुल तीन बोली लगाने वाले रहे। हालांकि, केवल अडानी और डीएलएफ ही अंतिम बोली की दौड़ में बने रहे क्योंकि अन्य बोली लगाने वाले, नमन समूह ने तकनीकी बोली के लिए क्वालिफाई नहीं रहे। श्रीनिवास ने कहा कि उनका कार्यालय अगले कदम के लिए राज्य सरकार से संपर्क करेगा और परियोजना की देखरेख के लिए एक विशेष समिति का गठन करेगा।
लगेंगे 17 साल
महाराष्ट्र सरकार का लक्ष्य स्लम रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट को 17 वर्षों में पूरा करना और अगले सात वर्षों में पुनर्वास के काम को पूरा करना है। श्रीनिवास ने कहा कि अडानी रियल्टी प्रस्तावित 20,000 करोड़ रुपये की धारावी रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट के लिए विजेता के रूप में उभरी। 2.8 वर्ग किमी में फैला, ये स्लम एरिया एक इंफॉर्मल चमड़ा और मिट्टी के बर्तन इंडस्ट्री का घर है जो एक लाख से अधिक लोगों को रोजगार देता है।
क्या था राज्य का लक्ष्य
राज्य ने अनुमान लगाया था कि इस क्षेत्र को बेहतर शहरी इंफ्रा के साथ गगनचुंबी इमारतों के क्लस्टर में बदल दिया जाएगा। इसमें 68,000 लोगों को फिर से बसाने की जरूरत थी, जिनमें झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले और कमर्शियल एस्टेब्लिश्मेंट वाले लोग भी शामिल थे। अक्टूबर में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली नवगठित महाराष्ट्र सरकार ने परियोजना के लिए नई बिड मांगने का रास्ता साफ कर दिया था। पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली तत्कालीन महा विकास अघाड़ी सरकार ने रेलवे भूमि अधिग्रहण के मुद्दों का हवाला देते हुए बोली रद्द कर दी थी।
पहले भी लगी है बोली
दिलचस्प बात यह है कि जनवरी 2019 में तत्कालीन सीएम देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली पिछली भाजपा-शिवसेना गठबंधन सरकार ने धारावी पुनर्विकास के लिए नई निविदा जारी की थी, जिसमें अडानी रियल्टी दूसरी बोली लगाने वाली कंपनी बन गई थी। संयुक्त अरब अमीरात स्थित सिकलिंक पहली बोलीदाता बनी थी। हालांकि, विभिन्न मुद्दों पर बोलियों को खत्म कर दिया गया था।
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