Gautam Adani Defence Deal: दरअसल गौतम अडानी की अदानी एंटरप्राइजेज ने इजरायल की एलबिट सिस्टम्स लिमिटेड के साथ एक डील साइन की है। इस डील के तहत इजरायल की कंपनी अदानी इंटरप्राइजेज को स्टेप डाउन सब्सिडियरी में 44 फीसदी हिस्सा लेगी। इस डील पर लोगों की निगाहें इसलिए भी बनी हुई है, क्योंकि ऐसे समय पर की जा रही है जब इसराइल और हमास के बीच जबरदस्त आपसी संघर्ष चल रहा है।
ऐसा देखा जा रहा है कि अदानी ग्रुप लगातार डिफेंस सेक्टर में अपनी पकड़ को मजबूत करने की कोशिश कर रहा है और ऐसे में इजरायल की डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक कंपनी के साथ की गई ये डील अदानी ग्रुप के लिए एक बड़ा कदम हो सकती है। इस डील की जानकारी ग्रुप की ओर से स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग के दौरान साझा की गई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अदानी एंटरप्राइजेज ने 20 नवंबर को इजरायल की एलबिट सिस्टम्स लिमिटेड (ईएसएल) के साथ ये सौदा किया है। अब इजरायल की डिफेंस कंपनी को इस डील के तहत अदानी एंटरप्राइजेज की स्टेप डाउन सब्सिडियरी में 44 फीसदी का हिस्सा लेना होगा। आ रही खबरों के अनुसार अब यह दोनों कंपनी मिलकर डिफेंस एप्लीकेशन के लिए टेक्नोलॉजी और सिस्टम डेवलपमेंट पर काम करने वाली है।
आपको बताते चले की इस डील के दौरान कंपनी के पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी अदानी डिफेंस सिस्टम एंड टेक्नोलॉजी लिमिटेड ने ईएसएल के साथ शेयर सब्सक्रिप्शन एग्रीमेंट और शेयर होल्डर्स एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए हैं। गौरतलब है कि इस डील में अदानी ग्रुप की 56 फीसदी की हिस्सेदारी होगी।
आ रही जानकारी के मुताबिक इस डील में ईएसएल अदानी डिफेंस सिस्टम की ओनरशिप में आने वाली सब्सिडियरी अथर्व एडवांस सिस्टम एंड टेक्नोलॉजी में 44 फीसदी हिस्सेदारी के लिए पार्टनरशिप करेगी। इसका सीधा सा मतलब है कि इसमें अडानी के कंपनी की हिस्सेदारी 56 फीसदी ही रहेगी। आपको बताते चलें कि अदानी डिफेंस सिस्टम ने इसी साल अगस्त में अपनी सब्सिडियरी अथर्व एडवांस सिस्टम को बनाने की बात कही थी। इस डील के अनुसार ईएसएल को अथर्व एडवांस सिस्टम के द्वारा शेयर जारी किए जाएंगे।
आपको बताते चलें कि एलबिट सिस्टम्स एक इंटरनेशनल डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी है जिसका हेड क्वार्टर हाईफा में बना हुआ है। अदानी एंटरप्राइजेज ने बताया है कि इस डील को साइन करने का उद्देश्य डिफेंस एप्लीकेशन के लिए कई टेक्नोलॉजी और सिस्टम तैयार करने का है।
आपको बताते चलें की अपने 44 प्रतिशत शेयर की हिस्सेदारी करने के बाद अथर्व एडवांस्ड सिस्टम लिमिटेड अदानी डिफेंस सिस्टम्स ओनरशिप वाली सहायक कंपनी नहीं रहेगी।
एक्सपर्ट का मानना है कि इस डील का असर अदानी ग्रुप के शेयर में देखने को भी मिल सकता है। गौरतलब है कि इसी साल की शुरुआत में हिडंनबर्ग की रिपोर्ट में अदानी ग्रुप पर कर्ज और शेयरों की कीमतों में हेर फेर जैसे कई आरोप लगाए थे। इसके बाद अदानी ग्रुप की नेटवर्थ में करीब 60 अरब डॉलर की जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई थी। इसके पहले अदानी दुनिया के टॉप 3 अरबपतियों की लिस्ट में शुमार थे लेकिन इस रिपोर्ट के बाद वो टॉप 20 से भी बाहर हो गए थे।
लेकिन उसके बाद अदानी ग्रुप ने जबरदस्त कम बैक किया है। इजराइल और हमास के बीच चल रहे युद्ध के दौरान की गई यह डील डिफेंस सेक्टर में कंपनी का दबदबा बढ़ाने में काफी मददगार हो सकती है। इजराइल को हमेशा से ही बेहतर डिफेंस तकनीक के लिए जाना जाता है, ऐसे में डिफेंस सिस्टम में इन दोनों कंपनियों के द्वारा की गई एडवांस डेवलपमेंट्स भारत के लिए भी फायदेमंद हो सकती है।
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